बताया गया कि ग्रामीण नीरज (35) की मक्का गांव से करीब सौ मीटर दूर सूख रही थी। क्योंकि दोपहर के समय तक धूप तेज थी। इसलिए मक्का को सूखने के लिए डाला गया। अचानक मौसम का मिजाज बदला और बादल छाने लगे। नीरज ने अपनी भाभी रामवती (36) को मक्का को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल डालने के लिए चलने को कहा। इसी बीच नीरज की भतीजी कशिश (11) भी उनके साथ चल दी। सभी ने तिरपाल डाला। इसी बीच बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए तीनों ही पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। बादलों के बीच बिजली की तेज गड़गड़ाहट हुई और बिजली गिर गई।
तीनों ही लोग बिजली की चपेट में आ गए और बुरी तरह से झुलस गए। उनकी चीखपुकार सुनकर अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी पुलिस को दी है। तीनों को चिकित्सालय ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। तीनों की मौत की सूचना से परिवार में चीत्कार मच उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के लोग मौके पर पहुंचने लगे। एसडीएम हर्षिता देवड़ा, सीओ दुर्गेश कुमार मिश्र मौकके पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
- तहसील के नगला माधो में बिजली गिरने से एक महिला, एक बालिका व एक युवक की मौत हुई है। दैवीय आपदा कोष से चार-चार लाख की आर्थिक सहायता मृतक आश्रितों को दी जाएगी। राजस्व टीम हादसे की रिपोर्ट तैयार कर रही है। - हर्षिता देवड़ा, एसडीएम सहावर