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कासगंज में दर्दनाक हादसा: गंगा में तीन बच्चे डूबे, दो की बची जान; किशोरी की माैत से मचा कोहराम

Fri, 15 May 2026 08:02 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

बच्चों के डूबने की सूचना पर कछला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब 20 गोताखोरों की टीम को बचाव अभियान में लगाया। किशोरी की माैत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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किशोरी का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कासगंज जिले के कछला गंगाघाट पर शुक्रवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक दुखद हादसा हो गया। गहरे पानी में चले जाने के कारण तीन बच्चे डूबने लगे, जिनमें से दो को बचा लिया गया। हालांकि, एक 13 वर्षीय किशोरी को बचाया नहीं जा सका। करीब दो घंटे बाद उसका शव बरामद हुआ।
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ग्राम बहेड़िया निवासी धनवती अपनी बहन और बच्चों के साथ शनिवार सुबह कछला घाट पर गंगा स्नान करने आई थीं। स्नान के दौरान, मुस्कान (13) पुत्री संजू, रितिक (8) और उनकी मौसी की बेटी ममता (13) अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद नाविक और गोताखोर तुरंत हरकत में आए। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए ममता और रितिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन मुस्कान गहरे पानी में समा गई।

घटना की सूचना मिलते ही कछला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब 20 गोताखोरों की टीम को बचाव अभियान में लगाया। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, गोताखोरों सरवन, सद्दाम, जाबिर, शेर मुहम्मद और अनवार ने मुस्कान का शव बरामद किया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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हादसे की खबर मिलते ही बहेड़िया गांव से भी बड़ी संख्या में लोग कछला गंगाघाट पर पहुंच गए। घटना के बाद से सुरक्षित निकाले दोनों बच्चे सदमे में हैं। चौकी इंचार्ज भूपेंद्र सिंह ने बताया कि परिजन ने किशोरी के शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है। पंचनामा की कार्रवाई करते हुए शव परिजन को सौंप दिया गया है।

प्रशासन की अनदेखी पर रोष
इस घटना ने कछला घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और परिजन में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि कछला घाट पर अक्सर श्रद्धालु गहरे पानी में डूब जाते हैं, बावजूद इसके प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। घाट पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही श्रद्धालुओं को सचेत करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। यह लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ रही है।

 
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