फोटो03आरोपी के हाथ पर लिखा ऊॅ का निशान । स्रोत: जीआरपी
कासगंज। चलती ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर को जीआरपी पुलिस ने बृहस्पतिवार को कासगंज जंक्शन के मुख्य गेट से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले सात वर्षों से फर्जी नाम और पहचान के सहारे दिल्ली में छिपा हुआ था। उसके दाहिने हाथ पर बना ‘ओम’ का टैटू उसकी पहचान का जरिया बना।
जीआरपी थाना प्रभारी कुंतल कोमल ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी रतन उर्फ रतना (29) हाथरस जिले के सिकंदराराऊ के मोहल्ला दमदपुरा का रहने वाला है। उस पर जीआरपी कासगंज और सिकंदराराऊ थाने में ट्रेनों में चोरी, आर्म्स एक्ट और मारपीट जैसे 4 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2019 से अदालत में पेश न होने के कारण अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट द्वारा उसके खिलाफ लगातार गैर-जमानती वारंट जारी किए जा रहे थे।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:30 बजे सूचना पर जीआरपी टीम ने उसे कासगंज जंक्शन से गिरफ्तार किया। इस दौरान भी उसने फर्जी आधार कार्ड दिखाकर पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस अभिलेखों में दर्ज उसके दाहिने हाथ के ओम वाले निशान ने उसकी पोल खोल दी। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया है।
बनवाया फर्जी आधार कार्ड
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दिल्ली के मंगोलपुरी में छिपा था और उसने अपने आधार कार्ड में नाम बदलकर कुलदीप करवा लिया था। जब भी पुलिस पहुंचती, वह खुद को रतन का भाई बताकर कुलदीप नाम का आधार कार्ड दिखा देता था।