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Kasganj News: इंतजार खत्म, दरियावगंज झील पर सौंदर्यीकरण का काम शुरू

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फोटो 56- जिला​धिकारी प्रणय सिंह को दरियावगंज झील के सौंदर्यीकरण की प्रस्तावित ड्राइंग दिखाते क्
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कासगंज। दरियावगंज झील पर देशी और विदेशी प्रवासी पक्षियों का कोलाहल और कलरव देखना सुगम बनेगा। पर्यटक विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को आसानी से देख सकेंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा के झील के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव को धरातल पर उतारा जा रहा है।
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पर्यटन विभाग ने सुंदरीकरण कार्य का जिम्मा पर्यटन निगम की निर्माण इकाई को सौंपा है। 3.52 करोड़ रुपये की लागत से झील के सौंदर्यीकरण का कार्य होगा। दरियावगंज झील जैव विविधता के लिए जानी जाती है। यह प्राचीन आर्द्र क्षेत्र है।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह के समक्ष क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने सुंदरीकरण के लिए फाइनल हुए ले आउट पर चर्चा की। जिलाधिकारी ने शीघ्रता से सौंदर्यीकरण के कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। पिछले वर्ष मई माह में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दरियावगंज झील के विकास व सौंदर्यीकरण के लिए घोषणा की थी। इसकी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी थी।
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पहले चरण में झील की झाड़ियों और घास की कटाई करके सफाई की गई है। इसके बाद सौंदर्यीकरण के कार्य शुरू होंगे। यह झील तमाम वनस्पतियों को अपने आंचल में समेटे है। वहीं तमाम जीव जंतुओ व पक्षियों का यहां बसेरा रहता है। 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में यह झील फैली हुई है। यह झील इस इलाके के भूजल और जलवायु संतुलन बनाने में सहयोगी है। पर्यावरण विद जैव विविधता का इसे केंद्र मानते हैं।
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गुरु द्रोणाचार्य की अभ्यास स्थली रही
दरियावगंज झील को लेकर पौराणिक संदर्भ भी जुड़े हैं। यह इलाका महाभारतकाल में गुरु द्रोणाचार्य की अभ्यास स्थली रहा है। गुरु द्रोणाचार्य को यहां की जमीन राजा द्रुपद ने दान में दी थी। इसे द्रोणाचार्य सरोवर भी कहते हैं। इस भूमि पर कई ऋषि मुनियों के प्रवास की किवदंतियां भी प्रचलित हैं।
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प्रवासी पछियों का बनती है ठिकाना
यह झील सर्दियों के मौसम में प्रवासी पछियों का ठिकाना बनती है। नवंबर माह के बाद से फरवरी तक प्रवासी पक्षियों का कोलाहल झील के सौंदर्य को और बढ़ा देता है। इस इलाके में सारस, बत्तख, किंगफिशर, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क व अन्य जल पक्षी देखे जाते हैं।
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पाथवे का होगा निर्माण
दरियावगंज झील को सुंदर बनाने के लिए पूरी कार्य योजना तैयार की गई है। झील पर पर्यटकों के लिए पाथवे बनाए जाएंगे। यह पाथवे झील के फ्रंट पर बनाए जाएंगे। इसके अलावा टिकट काउंटर, गेट, पर्यटकों के लिए बैंच, टॉयलेट, मनोरंजन पार्क विकसित होंगे।
वर्जन-
दरियावगंज झील का सौंदर्यीकरण 3.52 करोड़ की लागत से किया जाएगा। कार्य शुरू करा दिया गया है। निर्धारित समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सौंदर्यीकरण के कार्य के बाद पर्यटकों काे काफी सुविधा मिलेगी। - अनुपम श्रीवास्तव, पर्यटन अधिकारी

फोटो 56- जिलाधिकारी प्रणय सिंह को दरियावगंज झील के सौंदर्यीकरण की प्रस्तावित ड्राइंग दिखाते क्

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