फोटो04सोरोंजी में भगवान वराह का अभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
सोरोंजी। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष द्वादशी पर भगवान वराह का अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर भगवान वराह, मां गंगा के जयकारों से गूंज उठा। पंडित नरेश त्रिगुणायत ने वैदिक मंत्र उच्चार के साथ विधिविधान पूर्वक अभिषेक कराया।
सुबह भगवान वराह की मंगला आरती के बाद भगवान का गंगाजल, दूध, दही, घृत, शहद से पंचाभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद भगवान का नूतन वस्त्र अलंकार से भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान को मेवा मिष्ठान का भोग लगाया गया, शंख और घंटे की गूंज के बीच भगवान वराह की महा आरती उतारी गई। पंडित नरेश त्रिगुणायत ने भगवान वराह के अभिषेक का महत्व बताते हुए कहा कि ऐसी मान्यता है कि भगवान वराह के अभिषेक व पूजन से सारे मनोरथ सिद्ध होते हैं, जीवन के हर कष्ट से मुक्ति मिलती है तथा अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। अभिषेक पूजा के दौरान प्रिया मिश्रा, रंजीत दुबे, श्रीकृष्ण भारद्वाज, कृष्णकांत तिवारी, सुमित बौहरे, दिलीप दीक्षित, शैेलेश मित्तल आदि मौजूद रहे।