कासगंज। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से इंफ्लूएंजा के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल सहित निजी क्लीनिकों पर खांसी, जुकाम, बुखार और गले में खराश के मरीज पहुंच रहे हैं। बदलता माैसम बच्चों से बुजुर्गों तक लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार, बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे लोग जल्दी वायरल की चपेट में आ जाते हैं। खासकर सुबह-रात के समय ठंड और दिन में गर्मी के कारण इंफ्लूएंजा फैलने का खतरा बढ़ गया है। बुखार या खांसी के लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाए डॉक्टर से परामर्श लें। समय पर उपचार लेने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
इंफ्लूएंजा के लक्षण
तेज बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सिर दर्द, बदन दर्द, थकान और कभी-कभी सांस लेने में दिक्कत,उल्टी-दस्त आदि।
बचाव के उपाय
-साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
-भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें
-मास्क का उपयोग करें
- बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइजर का प्रयोग करें
-ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें
-मौसम के अनुसार खानपान रखें
मौसम में बदलाव से बीमारियां फैल रहीं हैं। मरीजों में इंफ्लूएंजा के लक्षण सामने आ रहे हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं।- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस