कासगंज। सोरोंजी क्षेत्र के गांव चंडौस में पांच दिन पहले लापता हुए किशोर का शव बुधवार की शाम 5 बजे गांव के बाहर बाजरे के खेत में पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले में जानकारी ली। परिजन गांव के ही एक दूसरे पक्ष पर रंजिश में उसकी हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं।
गांव चंडौस निवासी पवन (17) पुत्र निरंजन सिंह 23 जुलाई की शाम 6 बजे घर से चारा लेने के लिए खेत पर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद देर रात तक घर नहीं लौटा। परिजन ने आस-पास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन 24 जुलाई को सोरोंजी कोतावली में गुमशुदगी की तहरीर दी।
बुधवार को ग्रामीणों ने रक्षपाल बघेल के बाजरे के खेत में उसका शव पड़ा देखा। शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कपड़ों व हाथ पर गुदे निशान के आधार पर उसकी पहचान की। किशोर की मौत की सूचना मिलने पर पर परिवार में हाहाकार मच गया। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए।
सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलित किए। मृतक के पिता निरंजन सिंह ने बताया कि 22 जून को उनके चचेरे भाई की बेटी नेहा की शादी थी। बरात चढ़ाने के दौरान उनके बेटे पवन का गांव के दूसरी जाति के लोगों से विवाद हुआ था। पिता का आरोप है कि उसी रंजिश में उनके बेटे की हत्या की गई है। उनका कहना है कि पहचान के छिपाने के लिए उसके चेहरे पर एसिड या अन्य पदार्थ फेंका गया।
पवन की मौत के बाद उसकी मां कृष्णा सहित अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। एएसपी सुशील कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।