कासगंज। जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है। योजना के तहत वर्ष 2026 में 2600 घरों पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले दो माह के दौरान 579 घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 27 प्रतिशत है। इन संयंत्रों से प्रतिदिन 24,570 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना तथा उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत निजी आवासों की छतों पर ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली स्वयं तैयार कर रहे हैं और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है। योजना के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2024-25 में जिले के 556 घरों पर सोलर रूफटॉप लगाए गए थे, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 557 तक पहुंच गई। अब वर्ष 2026 के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। आने वाले महीनों में और अधिक परिवार इस योजना से जुड़ेंगे। योजना के तहत लगाए जाने वाले सोलर पैनलों की कार्यक्षमता लगभग 25 वर्ष तक रहती है। इनसे उत्पादित बिजली का उपयोग घरों की दैनिक जरूरतों के लिए किया जाता है। इसके बाद बची हुई बिजली को नेट मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से ग्रिड में भेजा जाता है। उपभोक्ताओं को इस अतिरिक्त बिजली का भुगतान भी मिलता है। इससे उनकी आय में वृद्धि होती है। सोलर रूफटॉप व्यवस्था बिजली बिल कम करने के साथ कमाई का अतिरिक्त साधन भी बन रही है। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। सोलर पैनल स्थापित होने और नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। जिले में अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा, एसडीएम मोहम्मद नासिर ने बताया कि वर्ष 2026 -27 में जिले को 2600 घरों पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। दो माह के भीतर 579 घरों पर सोलर रूफटॉप लगाए जा चुके हैं और शेष लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।