कासगंज। जिले में खरीफ फसलों की बुवाई का समय आ गया है। बारिश के बाद किसान धान, बाजरा और मक्का की बुवाई की तैयारी में जुटे हैं, जिससे यूरिया और अन्य खाद की मांग बढ़ गई है। लेकिन सहकारी समितियों पर खाद लेने पहुंचे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले पांच दिनों से ऑनलाइन वितरण व्यवस्था का सर्वर ठप होने के कारण खाद की बिक्री बहुत धीमी हो गई है। इसका नतीजा यह है कि किसान सुबह से लेकर दोपहर तक भूखे-प्यासे लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं। घंटों इंतजार के बाद भी खाद न मिलने पर कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
परेशानी का आलम यह है कि छावनी गांव के एक बुजुर्ग किसान सुबह 8 बजे यूरिया लेने समिति पहुंचे थे, लेकिन दोपहर 2 बजे तक भी उन्हें खाद नहीं मिल सकी। परेशान होकर उनकी आंखें छलक आईं। उन्होंने कहा कि खेती का समय निकला जा रहा है और तकनीकी खराबी के कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
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सुबह से लाइन में लगे हैं
सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन सर्वर नहीं चलने से खाद नहीं मिल पा रही है। खेत तैयार हैं, अब बुवाई में देरी होने की चिंता सता रही है।-सत्यपाल, गांव क्यामपुर
हर दिन समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। खेती के मौसम में ऐसी परेशानी नहीं होनी चाहिए।-चंद्रभान, गांव भैंसोरा
वर्जन
सर्वर की समस्या राज्य स्तर पर तकनीकी कारणों से आई है, जिससे उर्वरक वितरण प्रभावित हुआ। समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सर्वर सामान्य होते ही सभी समितियों पर वितरण तेज कराया जाएगा। - राकेश शंकर श्रीवास्तव, एआर कोऑपरेटिव, कासगंज
फोटो 03 कासगंज फोटो चंद्रभान किसान। स्रोत: संवाद
फोटो 03 कासगंज फोटो चंद्रभान किसान। स्रोत: संवाद
फोटो 03 कासगंज फोटो चंद्रभान किसान। स्रोत: संवाद