कासगंज। नोएडा में स्लीपर बस में आग लगने की घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए बृहस्पतिवार को रोडवेज बस स्टैंड पर पड़ताल की गई। इस दौरान बसों में आग से बचाव और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) से जुड़े इंतजामों की बारीकी से जांच की गई।
जांच के दौरान राहत की बात यह रही कि अधिकांश बसों में अग्निशमन यंत्र अपने निर्धारित स्थान पर रखे मिले। हालांकि, दूसरी ओर तीन अनुबंधित बसों में प्राथमिक उपचार के लिए रखा जाने वाला मेडिकल फर्स्ट एड बॉक्स नदारद मिला।
यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से इसे एक गंभीर और महत्वपूर्ण लापरवाही माना जा रहा है। केवल उपकरणों की मौजूदगी ही नहीं बल्कि उनकी तकनीकी स्थिति और वैधता अवधि की भी गहन जांच की।
यह सुनिश्चित किया गया कि सिलिंडर की समय पर सर्विसिंग हुई है या नहीं, क्योंकि आपात स्थिति में केवल उपकरण का होना ही काफी नहीं, बल्कि उसका चालू हालत में होना भी बेहद जरूरी है।
शुरुआती कुछ मिनट बचा सकते हैं जीवन
बस यात्रा के दौरान यदि कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना घटती है, तो शुरुआती कुछ मिनट जीवन बचाने के लिए सबसे अहम होते हैं। आग लगने की आपात स्थिति में चालू हालत का अग्निशमन यंत्र तुरंत राहत पहुंचा सकता है। वहीं किसी यात्री के चोटिल होने या अचानक तबीयत बिगड़ने पर फर्स्ट एड बॉक्स से तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है। इसलिए इन दोनों ही उपकरणों की मौजूदगी और सक्रियता अनिवार्य है।
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वर्जन
सुरक्षा से जुड़े सभी उपकरणों की नियमित जांच कराई जा रही है। अनुबंधित बसों जिनमें फर्स्ट एड बॉक्स गायब मिले हैं, उनके संचालकों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। परिवहन विभाग की ओर से यह भी चेतावनी दी गई है कि यात्रियों की सुरक्षा मानकों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - नीरज कुमार, प्रभारी एआरएम
फोटो 05 - रोडवेज बस स्टैंड पर बिना फस्टएड बॉक्स के खड़ी अनुबंधित बस। स्रोत : संवाद