कासगंज। अनुसूचित जाति के हजारों छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति की अवशेष धनराशि तकनीकी कारणों से अटक गई है। मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और डीएससी अपडेट न होने के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे छात्रों को पूरी छात्रवृत्ति मिलने में देरी हो रही है।
समाज कल्याण विभाग अब इस राशि को छात्रों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि कई शिक्षण संस्थानों की ओर से आवश्यक सूचनाएं अपडेट नहीं की गई हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत सरकार की 60 फीसदी छात्रवृत्ति राशि के भुगतान विफल हो गए थे। इसके कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को पूरी छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी। लंबित राशि जारी करने के लिए पोर्टल पर प्रधानाचार्य और नोडल अधिकारियों का विवरण अपडेट करना जरूरी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संस्थानों को फोन और व्हाट्सएप से कई बार जानकारी दी थी, लेकिन कक्षा 9 से 12 तक के कई विद्यालयों ने अब तक जरूरी अपडेट नहीं किए हैं। कुछ संस्थानों की डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट की अवधि समाप्त हो गई है। इससे उन्हें पोर्टल पर लॉगिन और डाटा अपडेट करने में दिक्कत आ रही है।
विभाग ने ऐसे संस्थानों को तत्काल नई डीएससी बनवाने के निर्देश दिए हैं। उन्हें आवश्यक सूचनाएं पोर्टल पर जल्द दर्ज कराने को भी कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार, संस्थानों का डाटा अपडेट होते ही लंबित छात्रवृत्ति छात्रों के खातों में भेजी जाएगी।
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वर्जन
यदि किसी संस्था को तकनीकी समस्या आ रही है तो वह सीधे समाज कल्याण विभाग कार्यालय पहुंचकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ताकि छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति समय पर मिल सके।
-हेमेंद्र स्वरूप, प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी