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Kasganj News: रेस्तरां में संचालक नहीं ले रहे चाइनीज डिश के ऑर्डर

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फोटो38कासगंज में एक स्वीट्स की दुकान में खाली पडा काउंटर ।संवाद
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कासगंज। शहर में कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद होने से रेस्तरां संचालकों, मिष्ठान्न विक्रेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। उन्हें कमर्शियल सप्लाई का कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा। ऐसे में रेस्तरां संचालक कॉमर्शियल गैस का सीमित प्रयोग करके काम चला रहे हैं। फौरी तौर पर कुछ रेस्तरां संचालकों ने चाइनीज डिश के ऑर्डर लेने बंद कर दिए हैं। उसके पीछे प्रमुख वजह इस डिश में गैस का अधिक प्रयोग बताया जा रहा है।

पिछले चार दिनों से रेस्तरां और मिठाई विक्राताओं को कमर्शियल गैस की सप्लाई नहीं मिली है। जिसके कारण उनके पास बहुत सीमित स्टॉक शेष है। छोटे कारोबारी केवल कॉमर्शियल गैस पर ही निर्भर हैं, लेकिन बड़े रेस्तरां और मिठाई कारखानों में अन्य ऊर्जा विकल्प इस्तेमाल हो रहे हैं। हैवी इंडक्शन के अलावा बॉयलर का प्रयोग किया जा रहा है। शहर के प्रतिष्ठित रेस्तरां के संचालक पंकज माहेश्वरी का कहना है कि उन्होंने कॉमर्शियल गैस का प्रयोग सीमित कर अन्य विकल्पों का प्रयोग बढ़ाया है। एक अन्य रेस्तरां के महाप्रबंधक कुलदीप मिश्रा ने बताया कि वह रेस्तरां में रेगुलर डिश परोस रहे हैं। स्पेशल ऑर्डर नहीं लिए जा रहे। एक अन्य प्रतिष्ठान के संचालक रवि यादव ने बताया कि कमर्शियल गैस की कमी ने चिंता बढ़ा दी है। लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उत्पादन सीमित करने के अलावा कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा। रेस्तरां संचालक रीतेश जैन ने बताया कि कमर्शियल गैस की परेशानी होेने पर अब इंडक्शन का प्रयोग बढ़ा दिया है। हालांकि यह खर्चीला है। अभी विकल्प से काम चलाया जा रहा है। एक मिठाई कारखाना संचालक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि वह बॉयलर से भट्ठियां चला रहे हैं।
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संकट लंबा चला तो बढ़ जाएंगी कीमतें

कासगंज। रेस्तरां व स्वीट शॉप संचालकों ने अभी तक खाद्य पदार्थों की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं, लेकिन उनका यह मानना है कि यदि कॉमर्शियल गैस की किल्लत लंबी चली तो कीमतों पर असर आएगा। फिलहाल तो दुकानदारों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
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काउंटरों पर कम हुआ सामान

सिढ़पुरा। कॉमर्शियल गैस की कमी होने के कारण स्वीट शॉप संचालकों ने ज्यादा ऊर्जा खपत वाली मिठाईयों का उत्पादन रोक दिया है। जिससे काउंटरों की शोभा बनने वाली मिठाईयां नजर नहीं आ रहीं। कई दुकानदारों ने ऐसे कदम उठाए हैं।






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