कासगंज। जिले में मंगलवार की रात अचानक मौसम बदलने से गरज के साथ तेज बारिश हुई। यह बारिश लगभग दो घंटे तक लगातार जारी रही, जिससे कई इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए भी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
मंगलवार की रात हुई बारिश का सर्वाधिक असर सहावर तहसील क्षेत्र में देखा गया, जहां 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कासगंज तहसील में भी 10 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि पटियाली तहसील क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी के साथ मात्र 2 मिलीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गई। बारिश के कारण शहर और गांवों की सड़कों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों, स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिले में लगातार बदलते मौसम के कारण किसान पहले से ही चिंतित हैं। मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश और तेज हवाओं ने गेहूं, सरसों, मक्का, तंबाकू और आलू जैसी तैयार फसलों को प्रभावित किया था।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल माह में हुई इस अप्रत्याशित बारिश ने तापमान में हल्की गिरावट ला दी है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का अलर्ट और सलाह
मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को भी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें।
ईंट व्यवसाय हुआ प्रभावित
बारिश का असर ईंट व्यवसाय पर भी गंभीर रूप से पड़ा है। भट्ठों पर रखी कच्ची ईंटें भीगकर खराब हो गईं, जिससे ईंट भट्ठा संचालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। टीकमपुरा निवासी भट्ठा संचालक केपी सिंह सोलंकी ने बताया कि लगभग चार से पांच लाख कच्ची ईंटें बारिश में गल गईं, जो एक बड़ा आर्थिक झटका है।