कासगंज/सिढ़पुरा। अखिल भारतीय प्रधान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी के आह्वान पर लखनऊ में होने वाले विशाल धरना प्रदर्शन से पहले प्रधानों को नजरबंद कर दिया गया है। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष सहित कई प्रमुख प्रधानों और पदाधिकारियों को उनके घरों में ही रोक दिया गया है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में की गई है।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 मई को समाप्त हो रहा है। प्रदेश सरकार ने प्रधानों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। इस आदेश से प्रधानों में भारी आक्रोश है। प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर जिले के प्रधानों ने लखनऊ में बुधवार को धरना प्रदर्शन की तैयारी की थी।
प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. वीके राजपूत ने मंगलवार को बताया कि उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है। पुलिसकर्मियों ने सुबह से ही उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया है। यह नजरबंदी लखनऊ कूच करने से ठीक पहले की गई। प्रधानों का कहना है कि यह सरकार की नीतियों के खिलाफ है।
ये किए गए नजरबंद
सिढ़पुरा ब्लॉक अध्यक्ष मंजीत सिंह राठौर को भी नजरबंद किया गया। अमांपुर से महेंद्र सिंह, सहावर से राजेश वर्मा और बौंदर के प्रधान शिव कुमार को भी रोका गया है। विनीत शाक्य ग्राम प्रधान ताजपुर और यतेंद्र राजपूत प्रधान प्रतिनिधि सरावल को भी उनके आवासों पर नजरबंद किया गया। प्रधानों के घरों को पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। सुरक्षा के लिए पुरुष और महिला पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि कोई बाहर न निकल सके।
प्रधानों की प्रमुख मांगें
ब्लॉक अध्यक्ष मंजीत सिंह राठौर ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर ग्राम प्रधानों के चुनाव न कराए जाने का विरोध हो रहा है। प्रधानों ने समय पर चुनाव कराने की मांग की है। चुनाव न होने की स्थिति में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की भी मांग की गई है। पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति का फैसला तुरंत वापस लेने की अपील की गई है।
अब ईको गार्डन में होगा धरना-प्रदर्शन
पहले धरना कार्यक्रम बुधवार सुबह 10 बजे लखनऊ के रमाबाई मैदान में होना था। लेकिन शासन की ओर से रमाबाई मैदान में कार्यक्रम की अनुमति निरस्त किए जाने के बाद, राष्ट्रीय नेतृत्व ने सभी प्रधानों से बुधवार सुबह 10 बजे ईको गार्डन, लखनऊ पहुंचने की अपील की है। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने नेताओं को लखनऊ कूच करने से रोकने के लिए नजरबंदी की कार्रवाई की है। इससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रधान संघ के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
वर्जन :
प्रधानों के घर पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मी तैनात है। जिले में किसी भी प्रधान को नजरबंद नहीं किया गया है।-ओपी सिंह, एसपी कासगंज