कासगंज। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने का सपना सिढ़पुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत सुनहरा में अभी अधूरा है। वर्ष 2023 में शुरू हुआ काम करीब तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। गांव में पेयजल की पाइपलाइन बिछाने के साथ घरों तक कनेक्शन तो पहुंचा दिए गए, लेकिन नलों से पानी की आपूर्ति अब तक शुरू नहीं हुई है।
ग्राम पंचायत सुनहरा की आबादी 2,230 है। जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाने का काम जून माह वर्ष 2023 में शुरू कराया गया था। इसके बाद कई घरों में लगभग 391 नल कनेक्शन भी दिए गए। कनेक्शन मिलने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही घर बैठे पानी उपलब्ध होने लगेगा, लेकिन यह इंतजार अब तक खत्म नहीं हुआ है। गांव में यह 1.37 करोड रुपये की लागत की परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। ग्रामीण राजेंद्र ने बताया कि गांव में तीन साल पहले काम शुरू हुआ था,लेकिन अभी तक घरों तक पानी की सप्लाई नहीं मिल पा रही है। जलापूर्ति शुरू होने में सबसे बड़ी अड़चन गांव में प्रस्तावित ओवरहेड टैंक का निर्माण नहीं हुआ है। टैंक का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण पाइपलाइन और कनेक्शन होने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में योजना के तहत कराए गए कार्य का ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
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ग्रामीणों की बात
-गर्मी और अन्य मौसम में पेयजल की जरूरत के लिए उन्हें अभी भी पुराने स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। गांव में पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन तो दे दिए हैं,लेकिन अभी घरों तक पानी नहीं आ रहा है। संजय,निवासी गांव पहलोई।
- तीन साल पहले गांव में जल जीवन मिशन का काम शुरू हुआ था। ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा कराया जाए। इससे नलों में पानी आए। -रिंकू शर्मा ,निवासी पहलोई।
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वर्जन :
-जल जीवन मिशन योजना का मार्च 2027 में पूरा करने का शासन की ओर से लक्ष्य निर्धारित किया। गांव पहलोई सुनहरा में शीघ्र ही कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। इससे लोगों के घरों तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति मिल सके। -अजीत सिंह ,एई जल निगम ग्रामीण।
फोटो50 सिढ़पुरा की ग्राम पंचायत सुनहरा में जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए भवन के पास उगी झाड़ियां।
फोटो50 सिढ़पुरा की ग्राम पंचायत सुनहरा में जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए भवन के पास उगी झाड़ियां।
फोटो50 सिढ़पुरा की ग्राम पंचायत सुनहरा में जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए भवन के पास उगी झाड़ियां।