सिढ़पुरा। एक विद्यालय में प्रदेशव्यापी खसरा-रुबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान के तहत प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार गौतम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उन अभिभावकों से सीधा संवाद किया जो शुरुआत में टीकाकरण को लेकर झिझक रहे थे। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से किए जा रहे टीकाकरण कार्य का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।अभियान के अंतर्गत एक से दस वर्ष की आयु के बच्चों को खसरा और रुबेला जैसे गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित करने के लिए टीके लगाए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान डॉ. गौतम ने टीकाकरण कक्ष, वैक्सीन के रखरखाव (स्टोरेज) और पंजीकरण प्रक्रिया की बारीकी से जांच की। उन्होंने मौके पर उपस्थित बच्चों की सूची का भी मिलान किया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी ने उन अभिभावकों से सीधा संवाद किया, जो शुरुआत में टीकाकरण को लेकर झिझक रहे थे। उन्होंने समझाया कि एमआर वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों को विकलांगता व अन्य गंभीर बीमारियों से बचाने में रामबाण है। उन्होंने कहा कि खसरा और रुबेला संक्रामक बीमारियां हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती हैं। 12 फरवरी से शुरू हुआ यह विशेष टीकाकरण अभियान शुक्रवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर दस्तक देने के साथ-साथ विद्यालयों में शिविर लगाकर शत-प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा। अभियान के सफल क्रियान्वयन में विद्यालय स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा।