कासगंज। रजिस्ट्रीकरण की नई ई-पंजीकरण व्यवस्था को लेकर जिले में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता और स्टांप विक्रेताओं की हड़ताल सोमवार को छठे दिन भी जारी रही। आंदोलनकारियों ने नई व्यवस्था को रोजगार और पारंपरिक कार्यप्रणाली के लिए चुनौती बताते हुए सरकार से अधिसूचना वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ई-पंजीकरण प्रणाली लागू होने के बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा, जिससे वर्षों से इस कार्य से जुड़े सैकड़ों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष साहब सिंह वर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पक्षकारों की उपस्थिति संबंधित संस्था के कार्यालय में अनिवार्य की गई है। साथ ही प्रत्येक संस्था के लिए एक प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त कर विभागीय पोर्टल पर अलग लॉगिन उपलब्ध कराया जाएगा। उनका कहना है कि इससे दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता, ई-स्टाम्प विक्रेता, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य सहयोगी कर्मियों की भूमिका सीमित हो जाएगी।
हड़ताल में दस्तावेज एसोसिएशन के महामंत्री ओमप्रकाश वर्मा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष योगेश शर्मा, अधिवक्ता जय कुमार सक्सेना, अशोक कुमार, सतीश चंद्र, बलवीर सिंह लोधी, विनोद कुमार, राहुल शर्मा, प्रदीप माहेश्वरी, दलवीर सिंह, दीपक शर्मा, गजराज सिंह आदि मौजूद रहे।