फोटो21सोरोंजी के गांव होडलपुर में गेंहूं की फसल को एकत्रित करते किसान ।संवाद
कासगंज। ओलावृष्टि और बारिश के बाद अब किसानों के सामने फसल बचाने से ज्यादा उसकी गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। मौसम साफ होते ही गेहूं को खराब होने से बचाने के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया गया है।जिले में हाल ही में आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खासकर गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अब मौसम साफ होने के बाद किसान फसल बचाने के साथ उसकी गुणवत्ता बनाए रखने की जद्दोजहद में जुटे हैं। बारिश के कारण गेहूं में नमी बढ़ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और कमजोर होने की समस्या सामने आई है। इसका सीधा असर बाजार में मिलने वाले भाव पर पड़ सकता है। ऐसे में किसान जल्द से जल्द फसल को सुखाकर उसकी गुणवत्ता सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। जो फसल पूरी तरह से खराब हो गई है उसको अलग किया जा रहा है। खेतों और खलिहानों में गेहूं को फैलाकर धूप में सुखाया जा रहा है, ताकि नमी कम हो सके। इसके साथ ही किसान तेजी से थ्रेसिंग कराकर दाने को अलग कर रहे हैं, जिससे आगे खराब होने की आशंका कम हो। थ्रेसिंग के बाद गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए किसान उसे घरों तक ले जाकर भंडारित कर रहे हैं। उनका मानना है कि खुले में रखने से दोबारा मौसम खराब होने पर नुकसान बढ़ सकता है।