फोटो13कासगंज में अमरपुर काली नदी के पास फैंका गया कूड़ा । संवाद
कासगंज। छह करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी कूड़ा निस्तारण की योजना अमल में नहीं आ सकी। याकूतगंज गांव में मई 2025 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) केंद्र बनकर तैयार है। लापरवाही से मशीनों की खरीद नहीं की जा सकी। कूड़ा-कचरा अब भी खुले में डंप हो रहा है।
इस केंद्र में प्रतिदिन करीब 50 टन कूड़े का निस्तारण होना है। उपयोगी सामग्री को अलग करने की प्रक्रिया भी योजना का हिस्सा है। इसके शुरू होने के बाद डंपिंग एरिया के आसपास रहने वालों को समस्या से छुटकारा मिल जाता। अभी सड़ांध के साथ संक्रामक रोगों का डर बना रहता है। पहले समय से टेंडर नहीं हो पाया। प्रक्रिया पूरी हुई तो बजट अटक गया।
निकायों से निकलने वाला कूड़ा
निकाय- प्रतिमाह ये है निकासी
अमांपुर -56.92 टन
भरगैन -116.63 टन
बिलराम -70.60 टन
गंजडुंडवारा -290.60 टन
मोहनपुर -26.16 टन
पटियाली -79.45 टन
सहावर -128.89 टन
सिढ़पुरा -90.45 टन
सोरोंजी -169.55 टन
कासगंज- 683.70 टन
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वर्जन :
कूड़े के निस्तारण के लिए याकूतगंज में एसडब्ल्यूएम केंद्र का निर्माण कराया गया है। मशीनों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। शासन से धनराशि मिलने के बाद संचालन शुरू हो जाएगा।
-विवेक त्रिपाठी ,ईओ नगर पालिका परिषद