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Kasganj News: इलाज का इंतजार हुआ लंबा, मासूम की जिंदगी पड़ गई छोटी

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फोटो 55 कासगंज में क्लीनिक पर मासूम की मौत के बाद हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस। स्रोत: वीडिय
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कासगंज। सोरों गेट स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के नाम पर नंबर का इंतजार एक मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गया। बुखार और दस्त से तड़पती ढाई साल की बच्ची को देखने के बजाय डॉक्टर और उनका स्टाफ परिजनों को नियमों का पाठ पढ़ाते रहे। चार घंटे बाद जब चिकित्सक ने बच्ची को देखा, तो हालत नाजुक बताकर रेफर कर दिया। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी, दूसरे अस्पताल की दहलीज छूने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
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सोरोंजी के मोहल्ला रामसिंहपुरा निवासी हिमांशु अपनी ढाई साल की बेटी आराध्या को सोमवार सुबह करीब 10 बजे सोरों गेट बाजार स्थित डॉ. प्रवीन गुप्ता के क्लीनिक लेकर पहुंचे थे। परिजनों ने पर्चा बनवाया और बच्ची की बिगड़ती हालत का हवाला देकर तुरंत दिखाने की गुहार लगाई लेकिन स्टाफ नंबर आने की बात पर अड़ा रहा। परिजन बच्ची को गोद में लिए तड़पते देखते रहे। दोपहर करीब दो बजे डॉक्टर ने जांच के बाद एक्स-रे कराया और रिपोर्ट देखते ही जिला अस्पताल ले जाने को कह दिया।

रास्ते में ही थम गईं सांसें
परिजन बदहवास हालत में आराध्या को लेकर जिला अस्पताल भागे लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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क्लीनिक पर हंगामा
मासूम की मौत से आक्रोशित परिजन शव लेकर दोबारा डॉ. प्रवीन गुप्ता के क्लीनिक पहुंच गए और इलाज में देरी व लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुस्साए परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और कार्रवाई का भरोसा दिया।
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बालिका को जब जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजन पहले किसी निजी क्लीनिक में दिखा रहे थे।
- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस, जिला अस्पताल

बच्ची गंभीर निमोनिया से पीड़ित थी और लाते वक्त ही स्थिति नाजुक थी। प्राथमिक जांच व एक्स-रे के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए ही रेफर किया गया था।
- डॉ. प्रवीन गुप्ता, चिकित्सक
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