फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kasganj News: लंबी विद्युत लाइन ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी

विज्ञापन
फोटो 22 - कोल्ड चेन प्वाइंट ब्लॉक सिढ़पुरा। स्रोत : संवाद
विज्ञापन
सिढ़पुरा। सिकहरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े धारिकपुर फीडर की लगभग 10 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। इस एक ही फीडर से क्षेत्र के करीब 60 से 70 गांव जुड़े हुए हैं जिसके चलते आए दिन लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की गंभीर समस्या से ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है। लगातार हो रही बिजली कटौती और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से लोगों के कीमती घरेलू उपकरण भी खराब हो रहे हैं।
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि रात में हल्की बारिश या तेज हवा चलते ही यह लंबी लाइन ठप हो जाती है जिससे पूरी रात अंधेरे में कटती है। अगले दिन ही आपूर्ति बहाल हो पाती है। 12 जून और 4 मई को आई आंधी-बारिश के दौरान पूरी-पूरी रात बिजली गुल रही थी।
स्थानीय लोगों का सुझाव है कि यदि कांशीराम आवास से सिढ़पुरा की ओर जाने वाले गांवों के लिए एक नया और अलग फीडर बना दिया जाए तो इस संकट से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
विज्ञापन

-
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी संकट
इस जर्जर और लंबी लाइन का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी पड़ रहा है। इसी फीडर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सिढ़पुरा को भी बिजली आपूर्ति होती है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप ने बताया कि अस्पताल की कोल्ड चेन में रखे टीकों और वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर और उच्च वोल्टेज की आवश्यकता होती है। बिजली गुल होने या वोल्टेज कम रहने पर जनरेटर चलाना पड़ता है जिससे स्वास्थ्य विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या से लगभग दो महीने पहले उच्च अधिकारियों के माध्यम से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया जा चुका है।

विद्युत निगम की टालमटोल
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि निगम ने केवल ट्रांसफाॅर्मर की केबल बदलकर खानापूर्ति की है। फीडर की लंबाई कम करने या स्थायी सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नया फीडर बनाकर व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
-
धारिकपुर फीडर को दो हिस्सों में बांट दिया जाए
बिजली की समस्या पर बिजलीघर पर लगातार फोन करना पड़ता है। यदि धारिकपुर फीडर को दो हिस्सों में बांट दिया जाए तो ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की समस्या कम हो सकती है। -गौरव रतन, सिद्दार्थ नगर

धारिकपुर फीडर की लाइन काफी लंबी है। लाइन बिजलीघर से पश्चिम की ओर जाती है और फिर घूमकर वापस बिजलीघर की ओर आती है। इसके बाद सिढ़पुरा की तरफ जाती है। इसी वजह से कम वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। -निर्मल उपाध्याय कमांडो, कलानी

लाइन लंबी होने से वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। जरा सी आंधी और बारिश आने पर लाइन में फाल्ट आ जाता है। इससे पूरी रात सप्लाई मिलना मुश्किल हो जाता है। पिछले महीनों में 8 से 10 बार ऐसा हो चुका है। -अशोक शाक्य, सिद्दार्थ नगर

विद्युत उपकेंद्र से गांव की दूरी मात्र तीन से चार किलोमीटर है जबकि लाइन 10 किलोमीटर घूमकर आती है, जिससे ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। -प्रमोद उपाध्याय, पूर्व प्रधान बाजीतपुर

फोटो 22 - कोल्ड चेन प्वाइंट ब्लॉक सिढ़पुरा। स्रोत : संवाद

फोटो 22 - कोल्ड चेन प्वाइंट ब्लॉक सिढ़पुरा। स्रोत : संवाद

फोटो 22 - कोल्ड चेन प्वाइंट ब्लॉक सिढ़पुरा। स्रोत : संवाद

फोटो 22 - कोल्ड चेन प्वाइंट ब्लॉक सिढ़पुरा। स्रोत : संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें