कासगंज। होली के त्योहार पर इस बार ठंडाई की मिठास महंगाई से फीकी पड़ सकती है। ठंडाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले मेवा और मसालों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है जिससे शौकीनों का उत्साह कम हुआ है। सफेद इलायची की कीमत में एक साल में प्रति किलो एक हजार रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बाजार में सफेद इलायची सबसे अधिक महंगी हुई है, जिसकी कीमतें पिछले एक साल में प्रति किलो लगभग एक हजार रुपये तक बढ़ गई हैं। खरबूज की मिंगी, मुनक्का, काजू, बादाम और पोस्त जैसी अन्य सामग्री की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। विक्रेताओं के अनुसार, घरों में ठंडाई बनाने की सामग्री महंगी होने से लोग अब रेडिमेड ठंडाई खरीदने की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, रेडिमेड ठंडाई के पैक और पाउच की कीमतें भी आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर हो रही हैं। बाजार में ठंडाई का मिक्स पैक इस समय लगभग 600 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है, जिसमें 100 रुपये प्रति किलो की तेजी आई है। विक्रेता निशीथ गुप्ता ने बताया कि ठंडाई में प्रयोग होने वाली सामग्री की कीमतों में तेजी का रुख है, खासकर सफेद इलायची पर। उन्होंने कहा कि इस महंगाई के कारण बिक्री प्रभावित हो रही है। एक अन्य विक्रेता निखिल माहेश्वरी का कहना है कि ब्रांडेड कंपनी की ठंडाई की बोतल और पाउडर पैक की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। इससे बिक्री पर असर है और अभी मांग काफी कम है।
ठंडाई की सामग्री की कीमतों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण वैश्विक बाजार में आयातित मेवा की कीमतों में बढ़ोतरी है। इस वैश्विक वृद्धि का सीधा असर स्थानीय बाजारों पर भी पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की उपलब्धता और मूल्य निर्धारण का प्रभाव घरेलू कीमतों पर दिख रहा है। यह स्थिति विक्रेताओं के लिए चुनौती बन गई है। इससे उनके मुनाफे पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
बिक्री और मांग पर प्रभाव
महंगाई के चलते न केवल ठंडाई के शौकीन मायूस हैं, बल्कि विक्रेता भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस बार बिक्री प्रभावित हो सकती है। घरों में ठंडाई बनाने का प्रचलन होने के बावजूद, सामग्री की ऊंची कीमतें लोगों को पीछे हटने पर मजबूर कर रही हैं। रेडिमेड विकल्पों की बढ़ती कीमतें भी उपभोक्ताओं के लिए समस्या खड़ी कर रही हैं। विक्रेताओं का मानना है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो होली पर ठंडाई की मांग में और कमी आ सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए उन्हें नए तरीकों पर विचार करना पड़ रहा है।
बाजार में मेवा के भाव प्रतिकिलो
मेवा- वर्तमान भाव- गत वर्ष के भाव
किशमिश- 600-300
काजू-1000-700
बादाम-100-700
तरबूज मिगी 800-400
खरबूज मिगी-800-700
मुनक्का 800-700
सफेद इलायची-4000-3000
गोला-400-200
चिरोंजी-2000-1500
रिपोर्ट मनोज माहेश्वरी