फोटो07 कासगंज का प्रभुपार्क विद्युत उपकेंद्र। संवाद
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सिढ़पुरा। हल्की बारिश होते ही करीब 60 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। सिकहरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े धारिकपुर फीडर की लंबी लाइन के कारण जरा सी हवा और बारिश में ब्रेकडाउन हो जाता है। पिछले दो दिनों में रात के समय बिजली गुल होने से ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि फीडर का विभाजन होने से ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिल सकती है।
सिकहरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़ा धारिकपुर फीडर धारिकपुर, लखनपुर, बांसी समेत करीब 60 गांवों के उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। मामूली हवा या बारिश होते ही लाइन ब्रेकडाउन हो जाती है और ग्रामीणों को घंटों कटौती झेलनी पड़ती है। पिछले दो दिनों से रात में हल्की बारिश के बाद आपूर्ति ठप हो गई। उपभोक्ताओं को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। सुबह फाल्ट ठीक होने के बाद बिजली बहाल हो सकी।
धारिकपुर फीडर की लाइन करीब 60 गांवों से होकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिढ़पुरा, सिद्धार्थ नगर, मोहनपुर तिराहा और सुदामानगर स्थित ट्यूबवेल तक बिजली पहुंचाती है। लंबी लाइन के कारण मौसम खराब होते ही फाल्ट की समस्या खड़ी हो जाती है। शनिवार को भी दोपहर करीब 12 बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू होते ही फीडर शटडाउन में चला गया, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि धारिकपुर फीडर को दो हिस्सों में बांटकर अलग-अलग फीडर बनाए जाएं तो ट्रिपिंग और कम वोल्टेज की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। बताया गया है कि सिकहरा बिजलीघर पर एक मशीन भी उपलब्ध है। काशीराम आवासीय कॉलोनी से सिढ़पुरा की ओर के गांवों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर के क्षेत्र के लिए अलग फीडर बनाए जाने से लंबी लाइन का भार कम किया जा सकता है और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकती है।वर्जन :
एसडीओ सुशील कुमार ने बताया कि सिकहरा उपकेंद्र से जुड़े गांवों को अलग-अलग फीडरों पर विभाजित करने की संभावना देखी जाएगी। धारिकपुर फीडर की लाइन का निरीक्षण कराया जाएगा। आवश्यकता होने पर फीडर विभाजन के लिए एस्टीमेट भेजा जाएगा।