मोहनपुरा। बड़ी बहन की सूझबूझ ने एक नाबालिग को बालिका वधू बनने से बचा लिया। परिजन जबरन उसकी शादी करा रहे थे। इसकी भनक लगने पर बहन उसे बहाने से अपनी ससुराल ले आई। फिर पुलिस और चाइल्डलाइन को सूचना दी। चाइल्डलाइन टीम ने नाबालिग को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है।
गांव बेरी हरनामपुर निवासी महिला को बुधवार को सोरोंजी थाना क्षेत्र में गांव गंगागढ़ निवासी अपनी छोटी बहन (14) की भाई एवं अन्य परिजन की ओर से जबरन 28 जून को शादी कराए जाने की सूचना मिली। जब इसकी भनक बड़ी बहन को लगी तो उसने नाबालिग के भविष्य को बचाने का फैसला किया। बहन समझदारी दिखाते हुए बहाने से नाबालिग को अपने साथ अपनी ससुराल बेरी हरनामपुर बुलाकर ले आई। ससुराल पहुंचते ही महिला और उसके पति ने बिना वक्त गंवाए मोहनपुरा पुलिस चौकी और चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर योगेश कुमार और रूबी, पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। टीम ने पूरी जानकारी ली और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए किशोरी को उसकी बहन और जीजा की मौजूदगी में सकुशल अपनी सुपुर्दगी में लिया। परिजन को हिदायत दी गई है कि कानूनन विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। बाल विवाह कराने पर रिश्तेदार, विवाह संपन्न कराने वाले पंडित सभी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। टीम ने किशोरी को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है।