कासगंज के जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने मंगलवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की शिकायत को गलत बताते हुए उन्हें जवाब दिया। अखिलेश यादव ने अमांपुर विधानसभा की मतदाता सूची से 8 नाम काटे जाने का दावा किया था। एक्स पर लिखे अपने जवाब में डीएम ने कहा कि 7 मतदाताओं के नाम अभी भी सूची में शामिल हैं, जबकि एक मतदाता की मौत होने के बाद उनका नाम सूची से हत्या गया है।
अखिलेश यादव ने 2 दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट की थी। इसमें लिखा था, जो चुनाव आयोग यह कह रहा है कि हमें यूपी में समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए एफिडेविट नहीं मिले हैं, वह हमारे शपथपत्रों की प्राप्ति के प्रमाण स्वरूप दी गई अपने कार्यालय की पावती को देख ले। इस बार हम मांग करते हैं कि चुनाव आयोग शपथपत्र दे कि यह जो डिजिटल रसीद हमको भेजी गई है वह सही है, नहीं तो चुनाव आयोग के साथ-साथ डिजिटल इंडिया भी शक के घेरे में आ जाएगा।
इसके साथ अखिलेश यादव ने 4 डिजिटल रसीदों की फोटो भी पोस्ट की थी। इनमें से एक रसीद अमांपुर विधानसभा की भी थी। इसमें अखिलेश यादव की ओर से अमांपुर विधानसभा की मतदाता सूची से आठ लोगों के नाम काटे जाने की शिकायत की गई थी। मंगलवार रात डीएम ने अखिलेश यादव की शिकायत का जवाब दिया। डीएम ने उनकी शिकायत को गलत बताया है।
एक्स पर डीएम ने लिखा कि ईमेल के माध्यम से जनपद कासगंज की विधान सभा 101 अमांपुर के अंतर्गत 8 मतदाताओं के नाम गलत ढंग से काटने की शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच में पाया गया कि 7 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दो बार होने के कारण नियमानुसार एक नाम को हटाया गया था। 7 मतदाताओं के नाम अभी भी सूची में शामिल हैं जबकि एक मतदाता का नाम उनकी मौत के बाद हटाया गया है।
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