Kasganj Car Fire: कासगंज हादसे की वजह झपकी या तीव्र मोड़ है, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है। बाइपास मार्ग पर जगह-जगह तीव्र मोड़ हैं। हादसे की वजह अभी तक पुलिस भी स्पष्ट नहीं कर सकी है।
कासगंज में बाइपास मार्ग पर कार कैसे अनियंत्रित हुई, कैसे पोल में टकराई यह गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ सकी है। माना जा रहा है कि या तो कार चला रहे आशीष को झपकी लग गई या फिर तीव्र मोड़ अचानक दिखाई देने पर यह हादसा हुआ। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ वहां तीव्र मोड़ है।
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हादसे की वजह अभी तक पुलिस भी स्पष्ट नहीं कर सकी है। विस्तृत जांच के बाद ही हादसे की वजह की तस्वीर साफ होगी। आशीष ने भी बातचीत में हादसे के कारण में कुछ नहीं बताया है। कैनाल रूट बाईपास यातायात को तो आसान बना रहा है। लेकिन इस 18 किलोमीटर लंबे मार्ग में कई स्थानों पर मोड़ हैं।
मोड़ के संकेतक भी लोक निर्माण विभाग के द्वारा लगवाए गए हैं, लेकिन बार बार मोड़ की स्थिति होने पर कई बार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। बाईपास पर पहले भी कई हादसे हुए हैं, लेकिन कार में आग लगने जैसा हादसा नहीं हुआ।
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अन्य दुर्घटनाओं में लापरवाही और तेज गति ही कारण रही है। यातायात प्रभारी लक्ष्मण सिंह का कहना है कि बाईपास मार्ग पर पहले से ही संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं। अक्सर वाहन चालकों की लापरवाही से ही हादसे होते हैं।
पेट्रोल और सीएनजी टैंक की लीकेज से आग लगने की आशंका
एआरटीओ आरपी मिश्र का मानना है कि सीएनजी गाड़ी में गैस और पेट्रोल दोनों के ट्रैंक रहते हैं। जैसे ही कोई टक्कर होती है तो सीएनजी और पेट्रोल देानों में ऊर्जा पैदा होती है। टैंकों में लीकेज होने पर आग की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ही वैगनार कार में आग लगी होने की संभावना है।
बड़े बेटे राघव को नहीं लाए थे साथ
कार हादसे का शिकार हुए दंपत्ति का बड़ा बेटा साढ़े तीन वर्षीय राघव है जिसे आशीष अपने साथ लेकर नहीं आया था। वह घर पर ही रह गया था। यदि राघव भी कार में होता तो उसकी जान को खतरा हो सकता था। परिवार के लोग इस बात को भी बार बार कह रहे थे।
दो साल पहले बहन की शादी में दी थी कार, बहन से मांगकर लाया था
जिस सीएनजी लगी वैगनार कार से आशीष मथुरा दर्शन के लिए जा रहा था वह कार आशीष के परिवार ने दो वर्ष पूर्व बहन आशा की शादी में गिफ्ट में दी थी। मथुरा जाने के लिए वह यह कार मांगकर लाया था और परिवार सहित हादसे का शिकार हो गया। आशीष के बहनोई राहुल ने इस बात की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि आशीष खुद ड्राइवर का काम करता है।
पोल से टकराने के बाद कार बनी आग का गोला, मां और मासूम बेटे की जिंदा जलकर मौत
आपको बता दें कि कासगंज के कैनाल रूट बाईपास पर बृहस्पतिवार की रात सड़क के संकेतक बोर्ड के पोल से टकराकर कार आग का गोला बन गई। युवक को किसी तरह बचा लिया गया लेकिन पत्नी और मासूम की जलकर मौत हो गई। जली हुई कार से उनके केवल कंकाल ही बाहर निकल सके। दमकल कर्मियों ने जैसे-तैसे आग पर काबू पाया।
हादसा कैनाल रूट बाईपास पर बृहस्पतिवार की रात तीन बजे भगवंतपुर गांव के पास हुआ। हादसे का शिकार आशीष कुमार यादव (30) निवासी राफियाबाद थाना भमौरा बरेली अपनी पत्नी मीना (28) और ढाई माह के बालक बाबू के साथ मथुरा दर्शन के लिए जा रहे थे।
रात करीब एक बजे अपने घर से निकले और सुबह करीब तीन बजे बाईपास पर सड़क संकेतक बोर्ड के पोल से उनकी कार बेकाबू होकर टकरा गई और तुरंत ही कार में आग लग गई। आशीष खुद गाड़ी चला रहा था, जबकि उसकी पत्नी व बच्चे पीछे की सीट पर बैठे हुए थे।
कार टकराने के बाद एक ट्रक चालक की मदद से आशीष बाहर निकल पाया और देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। आशीष अपनी पत्नी और बच्चे को बचाने की कोशिश करता रहा। उसके हाथ पैर झुलस गए, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
आग लगने पर गाड़ी के टायर फटने से तेज धमाका हुआ। तेज आवाज सुनकर भगवंतपुर के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन भीषण आग की लपटों के बीच कुछ कर नहीं सके। अज्ञात ट्रक चालक ने परिवार के लोगों को मामले की जानकारी दी। पुलिस को सूचना दी।
बाईपास मार्ग पर थाना ढोलना क्षेत्र में अनियंत्रित होकर कार सड़क संकेतक बोर्ड के पोल से टकरा गई। जिससे कार में आग लग गई और एक महिला व मासूम बच्चे की मौत हो गई। फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल के लिए नमूने लिए हैं। जले हुए शव कार से बरामद कर पोस्टमार्टम को भेजे।- राजेश भारती, एएसपी