कासगंज में दर्दनाक हादसा हुआ। माघ पूर्णिमा पर एटा के कसा गांव से बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के लिए कासगंज के कादरगंज गंगा घाट जा रहे लोगों की ट्रैक्टर ट्रॉली बेयरिंग टूटने से तालाब में पलट गई। हादसे में आठ बच्चे, आठ महिलाओं समेत 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हो गए।
कासगंज सड़क हादसे में अपनी मां मीरा देवी की मौत से वरुण गहरे सदमे में है। वह बार-बार एक ही बात कहता है कि मेरी मां को बाहर निकाल दो, मैं उनकी जान बचा लूंगा। कभी वह लोगों के हाथ जोड़ता तो कभी पैर छूने लगता। यहां तक कि उसने एक कागज पर लिखकर भी दे दिया।
विज्ञापन
कसा निवासी वरुण के पिता दिग्विजय लगभग दस साल पहले सड़क हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे के बाद वह अपाहिज हो गए, जिससे वह कोई काम-काज नहीं कर पाते हैं। इसके बाद से बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी मां मीरा देवी पर आ गई।
मीरा देवी ने ही अपने दोनों पुत्रों व पुत्री का पालन-पोषण किया। बड़ा बेटा अपनी पढ़ाई पूरी करके दिल्ली में नौकरी करता है। वरुण अभी पढ़ाई कर रहा है। मीरा देवी की मौत की जानकारी मिलते ही वह गांव से कासगंज आया तब तक उनका शव पोस्टमार्टम गृह के भीतर जा चुका था। पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचकर उसे अपनी मां की मौत पर विश्वास नहीं हुआ।
विज्ञापन
वह कहता कि उसकी मां को बाहर निकाल दो वह उनका इलाज करा कर जान बचा लेगा, चाहे इसके लिए अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े। इसके लिए वह मौके पर पहुंच अधिकारियों, विधायकों सहित अन्य लोगों के आगे कभी हाथ जोड़ने लगता तो कभी पैर छूने लगता। वह कहता कि यदि मेरी मां को कुछ हो गया तो वह किसके लिए पढ़ाई करेगा। मेरी मां मुझे वर्दी में देखना चाहती है। मुझे उनके सपने को पूरा करना है।
कासगंज में बेयरिंग टूटने से ट्रैक्टर-ट्राली तालाब में पलटी, 8 बच्चों समेत 23 की मौत
माघ पूर्णिमा पर एटा के कसा गांव से बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के लिए कासगंज के कादरगंज गंगा घाट जा रहे लोगों की ट्रैक्टर ट्रॉली बेयरिंग टूटने से तालाब में पलट गई। दुर्घटना में 8 बच्चे व 8 महिलाओं समेत 23 लोगों की मौत हो गई जबकि 9 लोग घायल हो गए। मरने वालों में वह बच्चा भी शामिल है जिसका मुंडन होना था।
हादसा कादरगंज गंगा घाट से 25 किलोमीटर पहले पटियाली-दरियावगंज मार्ग पर ककराला गांव के आदर्श तालाब में सुबह 10 बजे हुआ। गंभीर हालत में तीन लोगों को अलीगढ़ रेफर किया गया है। 6 लोगों का इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। ट्रैक्टर ट्राली में 50 से अधिक लोग सवार थे। घटना की जानकारी पाकर डीएम सुधा वर्मा व एसपी अपर्णा रजत कौशिक सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
एटा जिले के गांव कसा के निवासी गौरव के 1 साल के बच्चे सिद्दू का मुंडन होना था। शनिवार सुबह गांव व रिस्तेदारों के लोगों के अलावा आसपास के गांवों के लोग भी साथ जा रहे थे। रौरी गांव निवासी राहुल का ट्रैक्टर था। तबीयत खराब होने पर ट्रैक्टर राहुल की जगह सिद्दू के बाबा सतेंद्र चला रहे थे। राहुल ट्रैक्टर पर ही बगल में बैठा था। कासगंज के कादरगंज गंगाघाट पर मुंडन संस्कार होना था।
अभी 20-22 किलोमीटर ही चले थे तभी सुबह 10 बजे ककराला ग्राम पंचायत के सड़क किनारे बने आदर्श तालाब के समीप ट्रैक्टर-ट्रॉली की बेयरिंग टूट गई। चालक ने जैसे ही ब्रेक लगाए ट्रॉली तालाब में गिरकर पलट गई। ट्रैक्टर पर और ट्रॉली के डाले पर बैठे लोग छिटक कर इधर-उधर जा गिरे, लेकिन ट्रॉली के बीच में बैठीं महिलाएं और बच्चे सभी ट्रॉली के नीचे दब गए। हादसा होते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मचने लगी।
सड़क से गुजर रहे राहगीर मौके पर पहुंचे। इस बीच कुछ पुलिसकर्मी भी आ गए, तत्काल ही राहत और बचाव का कार्य शुरू हो गया। प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। ट्रॉली को उठाने की कोशिश की गई, लेकिन भारी वजन के बीच पानी में पलटी ट्रॉली उठ नहीं पाई।
इस दौरान कुछ और लोग मदद के लिए पहुंचे और ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को निकालकर तत्काल पटियाली के चिकित्सालय भेजा गया। ट्रॉली के नीचे दबे ज्यादातर लोगों की मौत मौके पर ही हो चुकी थी। कुछ की सांसें चल रहीं थीं। सभी को ही अस्पताल ले जाया गया। मृतकों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक थी।
पटियाली के स्वास्थ्य केंद्र पर 8 बच्चों को और 8 महिलाओं को मृत घोषित किया गया। उसके बाद 7 अन्य गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में मृत घोषित किया गया। हादसे में कुल 9 लोग घायल हुए। 6 की चिकित्सा जिला चिकित्सालय में चल रही है। तीन का अलीगढ़ में इलाज चल रहा है। माघ पूर्णिमा का दिन होने के कारण परिवार के लोग गांव के अन्य लोगों और रिश्तेदारों के साथ मुंडन संस्कार कराने और गंगास्नान के लिए निकले थे।