फोटो24सोरोंजी के लहरा घाट पर बेहद कम है जल का स्तर। संवाद
सोरोंजी। तीर्थनगरी के लहरा गंगा घाट पर जल की कमी है। कांवड़िएं जल की कमी के कारण गंगा में डुबकी लगाकर स्नान भी नहीं कर पा रहे। सैंकड़ो किलोमीटर की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को जल की कमी से निराशा का सामना करना पड़ रहा है। नगरपालिका प्रशासन ने सिंचाई खंड को पत्र लिखकर गंगा में पानी छोड़ने की मांग भी की थी। हर बार शिवरात्रि पर गंगा में श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पर्याप्त जल रहता था, लेकिन इस बार जल की कमी परेशानी का कारण बनी हुई है। श्रद्धालु लोटा और कमंडल से ही स्नान करते नजर आ रहे है। महाशिवरात्रि का महास्नान पर्व 15 फरवरी का है। श्रद्धालु गंगा में जल की मांग उठा रहे हैं। लहरा घाट से गंगा की धारा पानी की कमी के कारण काफी सिमट गई है और अभी धारा बदायूं जनपद के सहसवान राजस्व क्षेत्र में बह रही है। घाट के लोगों ने बताया कि लहरा से 7 किलोमीटर पहले गंगा की धारा को बाधित भी किया है। पानी की कमी से शिवपुरी, मुरैना, धौलपुर, ग्वालियर आदि क्षेत्रों के कांवड़िएं निराश हो रहे हैं।
- आस्था के बड़े पर्वों के दौरान गंगा में जल न आने से कांवड़ियों की भावनाएं आहत हो रही हैं। महाशिवरात्रि से पूर्व ही प्रशासन को लहरा घाट पर जल छोड़ना चाहिए।- श्रीकांत तिवारी, जिला संयोजक नमामि गंगे
- लहरा प्राचीन गंगा घाट है , इस घाट पर जल बेहद कम आता है। अराजक तत्वों ने जलधारा को बाधित कर दिया जाता है। जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए- श्याम कुमार बडगैयां, श्रद्धालु
- गंगा में जल की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए सिंचाई विभाग को नरौरा बांध से पानी छुड़वाने के लिए पत्र प्रेषित किया है। वहीं लहरा से पहले धारा को रोकने की बात सामने आई है। इसे दिखवाकर जल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी- हर्षिता देवडा एसडीएम, प्रभारी ईओ, नगर पालिका सोरोंजी