फोटो 20 सहावर में साइकिल से गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे ग्राम पंचायत सचिव। स्रोत: संवाद
सहावर। गांव याकूतगंज स्थित गोशाला में शुक्रवार को सचिव साइकिल से निरीक्षण करने पहुंचे। ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के आह्वान पर पंचायत अधिकारियों ने बाइक छोड़कर साइकिल से काम करना शुरू कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से 200 रुपये साइकिल भत्ता निर्धारित है, लेकिन जिले में उन्हें यह भत्ता कई महीनों से नहीं मिल रहा। इसी के विरोध में सचिव अब साइकिल से ही अपने दायित्व निभा रहे हैं। शुक्रवार को सचिव एबन सिंह ने याकूतगंज की गोशाला में साइकिल से पहुंचकर निरीक्षण किया।
सचिव ने कहा कि वे गांव की योजनाओं से जुड़े सभी अहम कार्य संभालते हैं, लेकिन उनके भत्ते तक समय पर नहीं दिए जा रहे। 200 रुपये का साइकिल भत्ता भी रोके जाने के कारण मजबूरी में उन्होंने बाइक छोड़कर साइकिल का सहारा ले लिया है।
सचिवों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे 15 दिसंबर से डोंगल जमा कर आहरण–वितरण का कार्य बंद कर देंगे। उनका कहना है कि आईजीआरएस निस्तारण, आवास कार्य सत्यापन, गौशाला निरीक्षण और पेंशन सत्यापन जैसे सभी कार्य अब वे साइकिल से ही करेंगे। सचिवों का कहना है कि डिजिटल युग में फाइलें और डोंगल लादकर गांव-गांव साइकिल से जाना उनकी मजबूरी बन गया है।