मौसम विज्ञान दिवस पर विशेष
कासगंज। जिले में किसानों और आम लोगों को आधुनिक मौसम सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वचालित मौसम स्टेशन (एडब्ल्यूएस) की स्थापना की गई थी। वर्तमान में स्टेशन से स्थानीय स्तर पर सटीक और त्वरित मौसम डाटा नहीं मिल पा रहा है जिससे मौसम पूर्वानुमान के लिए अभी भी दिल्ली स्थित केंद्रीय केंद्र पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसका असर फसल प्रबंधन, सिंचाई की योजना बनाने और आपदाओं से बचाव की तैयारियों पर पड़ रहा है।
मौसम सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने तीन साल पहले प्रदेश के 27 जनपदों में स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित करने की एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी। इसी योजना के अंतर्गत, जिला कृषि विज्ञान केंद्र, मोहनपुरा में लगभग एक वर्ष पूर्व स्टेशन स्थापित किया गया था। हालांकि, स्थापना के इतने समय बाद भी, स्थानीय स्तर पर इस स्टेशन का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय किसानों और अन्य संबंधित विभागों के लिए मौसम संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं, तापमान, वर्षा और आर्द्रता जैसे आवश्यक आंकड़े का नियमित उपयोग करना अभी भी संभव नहीं है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार सटीक मौसम पूर्वानुमान भी प्राप्त नहीं हो पा रहा है। यदि यह स्वचालित मौसम स्टेशन पूरी तरह से सक्रिय हो जाता तो किसानों को फसल प्रबंधन, सिंचाई की बेहतर योजना बनाने और विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव में सहायता मिल सकती थी।
वर्जन:
मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी, डॉ. गौरव वर्मा के अनुसार, केंद्र पर तापमान और बारिश से संबंधित डाटा तो एकत्रित किया जा रहा है। हालांकि, पूर्वानुमान जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी के लिए अभी भी दिल्ली स्थित केंद्रीय इकाई पर निर्भरता बनी हुई है।