फोटो27गंगादेवी धर्मशाला में आयोजित यज्ञ में आहूति देवे आर्य समाज सदस्य । संवाद
कासगंज। गंगा देवी धर्मशाला में आयोजित वैदिक यज्ञ के अंतिम दिन में सोमवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूर्ण आहुति दी। इस दौरान आर्य समाज ने वेद मार्ग पर लौटने का आह्वान करते हुए कहा कि वेदों में निहित यज्ञ प्रक्रिया आज भी उतनी ही प्रासंगिक और कल्याणकारी है।कार्यक्रम में प्रवक्ता आर्य शंकर वेद अलंकार ने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम है। यज्ञ वेद मार्ग को प्रशस्त करता है और मानव जीवन को संयम, शुद्धता व नैतिकता की दिशा में आगे बढ़ाता है। आर्य शंकर वेद अलंकार ने वर्तमान समय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज वेद-विरुद्ध आचरण बढ़ते जा रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव मानवता पर पड़ रहा है। ऐसे में समाज को पुनः वेदों की ओर लौटने की आवश्यकता है। आचार्य धारणा यज्ञती ने भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम संध्या यज्ञ, माता-पिता और गुरुओं को नमन किए बिना कोई भी कार्य नहीं करते थे। यही वैदिक संस्कार भारतीय संस्कृति की पहचान हैं, जिन्हें आज के समाज को पुनः आत्मसात करना चाहिए।वहीं स्वामी योगेश्वरानंद महाराज ने कहा कि वेद और आयुर्वेद दोनों का समन्वय मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यज्ञ के दौरान वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर विश्व शांति, समाज कल्याण और मानवता की उन्नति की कामना की। कार्यक्रम में कौशल सिंघल, विनोद कुमार भारद्वाज, अनुप्रिया भारद्वाज, बबीता माहेश्वरी, चंद्र प्रकाश शर्मा चौहान, प्रकाश शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश, बिजेंदर आर्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।