कासगंज। पीरियड्स के दिनों में झिझक के बावजूद किशोरियों और युवतियों की आदतों में बदलाव दिखाई दे रहा है। माहवारी के दौरान स्वच्छता पर जागरूकता बढ़ी है। 15 से 24 वर्ष की महिलाओं में स्वच्छता अपनाने का आंकड़ा पांच साल में करीब 10 प्रतिशत बढ़ा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 में यह आंकड़ा 55.4 प्रतिशत था, जो एनएफएचएस-6 में बढ़कर करीब 65.1 प्रतिशत पहुंच गया।
बदलते समय के साथ माहवारी के संबंध में महिलाओं की सोच और तौर-तरीकों में भी बदलाव आया है। सैनिटरी पैड समेत सुरक्षित साधनों के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इसके साथ ही साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
महिला चिकित्सक डॉ. अंजू ने बताया कि माहवारी के संबंध में किशोरियों को शुरू से ही सही जानकारी देना जरूरी है। स्वच्छ सामग्री का इस्तेमाल करने के साथ उसे समय पर बदलना चाहिए। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने से संक्रमण जैसी समस्याओं से बचाव में मदद मिलती है।
परिवार को भी बेटियों से माहवारी से जुड़े विषयों पर खुलकर बात करनी चाहिए, ताकि झिझक और भ्रम कम हो। परिवार और स्कूल स्तर पर जागरूकता बढ़ाने से किशोरियों को सुरक्षित आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।