कासगंज। सरकारी खरीद बंद होते ही मंडी में बाजरा की कीमतें धड़ाम हो गई हैं। मंडी में 925 रुपये क्विंटल तक भाव गिर चुके हैं। इससे किसान चिंतित हैं। उनको नुकसान उठाकर फसल को बेचना पड़ रहा है।
जिले में बाजरा की खेती करीब 50 हजार हेक्टेयर में होती है। किसानों को फसल का उचित भाव देने के लिए सरकारी खरीद केंद्रों पर बाजरा की खरीद कराई गई। जिले में 12 खरीद केंद्र खोलकर खरीद की गई। खरीद के लिए 18600 मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला। 31 दिसंबर तक 18599.450 मीट्रिक टन खरीद की गई।
शासन से 2775 रुपये के भाव से बाजरा की खरीद कराई गई। शासन से अच्छा भाव मिलने पर मंडी में भी बाजरा की खरीद अच्छे भाव पर हुई। किसान को सरकारी भाव के समान मूल्य मिलने से काफी संख्या में किसानों ने मंडी में भी अपनी फसल की बिक्री की। निर्धारित समय पूरा होने के बाद सरकारी केंद्रों पर खरीद बंद होने के बाद मंडी में भी फसल की कीमतों में गिरावट आ गई।
अब भी मंडी में 400 से 500 क्विंटल तक बाजरा आ रहा है, लेकिन किसानों को उचित भाव नहीं मिल पा रहा। इस समय मंडी में 1850 रुपये क्विंटल तक भाव रह गए हैं। इससे किसान मायूस हैं। मंडी सचिव शैलेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतिदिन 400 से 500 क्विंटल तक बाजरा की आवक हो रही है।
किसानों की बात
सरकारी खरीद बंद होने के बाद मंडी में बाजरा का भाव इतना गिर गया कि हमें अपनी मेहनत की कमाई पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।-चंद्रपाल, किसान
हमारी फसल अच्छी है, लेकिन उचित मूल्य न मिलने से बेचने में मुश्किल हो रही है। सरकार से उम्मीद है कि फिर से खरीद शुरू होगी। -छोटेलाल, किसान
फोटो41चंद्रपाल,किसान। संवाद