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Kasganj News: बाढ़ के पानी से पटियाली के कई गांव का संपर्क टूटा, इलाके जलमग्न

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फोटो 30- पटियाली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ बाढ़ के पानी की ​स्थिति देखते एस
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कासगंज। पिछले पांच दिनों से लगातार बैराजों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के कारण जिले में गंगा नदी की धारा उफान पर आ गई है, जिससे पटियाली के तराई इलाकों में मीडियम फ्लड जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बाढ़ के पानी की चपेट में आने से कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है और खादर क्षेत्र के खेतों में पानी भर जाने से किसानों की फसलों पर भारी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
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मानसून की अभी शुरुआत ही है, ऐसे में किसानों में बढ़ते खतरे को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। राहत की बात यह है कि नरौरा बैराज से सोमवार को पानी के प्रवाह में करीब 20 हजार क्यूसेक की कमी दर्ज की गई है, जिससे आने वाले समय में जलस्तर घटने की उम्मीद है।
हरिद्वार और बिजनौर बैराजों से भी पानी का प्रवाह कम हुआ है। हालांकि, बढ़े हुए जलस्तर के कारण कांवड़ मेला भी खासा प्रभावित हो रहा है। लहरा और कछला गंगाघाट पर उमड़ने वाली कांवड़ियों की भीड़ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जहां दिन-रात गोताखोर और सुरक्षाकर्मी मुस्तैद हैं क्योंकि श्रद्धालु दिन के साथ-साथ रात में भी गंगा स्नान कर कांवड़ भर रहे हैं।
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पटियाली तहसील के मूंझखेड़ा, हंसी नगला, नगला दुर्जन और नगला नरपत समेत कई गांवों में पानी घुसने से संपर्क पूरी तरह कट चुका है। निचले इलाकों में आवागमन के लिए लोग अब केवल नावों का सहारा ले रहे हैं। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नावें संचालित कर दी हैं। सोमवार सुबह नरौरा बैराज से 1.53 लाख क्यूसेक, हरिद्वार से 93 हजार और बिजनौर बैराज से 1.12 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह रिकॉर्ड किया गया, जबकि कछला ब्रिज पर जलस्तर में आंशिक कमी आनी शुरू हो गई है।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 93702 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 112651 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 153173 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.41 मीटर के निशान पर

प्रभावित इलाके में पहुंचे एसडीएम
पटियाली। गंगा की बाढ़ के चपेट में आए गांव में एसडीएम आतिश कुमार सिंह, तहसीलदार रामनयन सिंह, नायब तहसीलदार मुकेश कुमार बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंचे। अधिकारियों की टीम ने नगला हंसी, राजेपुरकुर्रा, मूंझखेड़ा, शहवाजपुर सहित कई इलाकों में निरीक्षण किया। ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने एसडीएम को आवागमन में हो रही दिक्कतों के बारे में बताया। एसडीएम ने बताया कि गांव 13 नाव लगाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी ग्रामीणों के बीच पहुंचकर चिकित्सा उपलब्ध कराएंगी। किसी भी तरह की दिक्कतें नहीं होने दी जाएंगी। संवाद

वर्जन-
गंगा के जलस्तर में कमी आने लगी है। नरौरा बैराज से प्रवाह कम हुआ है जिससे एक दो दिन में जलस्तर और कम होगा। जिले के सभी बांध सुरक्षित हैं।- शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई

फोटो 30- पटियाली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ बाढ़ के पानी की स्थिति देखते एस

फोटो 30- पटियाली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ बाढ़ के पानी की स्थिति देखते एस

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