फोटो19कासगंज डेढ माह के बच्चे के बेचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बारे में जानका
कासगंज। बस स्टैंड से डेढ़ माह के मासूम के गायब होने की घटना का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया था कि मां ने ही अपने ही जिगर के टुकड़े को दो लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने मां, एक डॉक्टर दंपती और दूसरे खरीदार दंपती समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल तलाश कर लिया है।
फरीदाबाद में काम करने वाले सोरोंजी क्षेत्र के गांव बनूपुर पुख्ता निवासी अरविंद ने 17 अक्तूबर को थाने में तहरीर दी थी। उसने बताया कि 16 अक्तूबर को उसकी पत्नी क्रांति डेढ़ माह के बेटे को दवा दिलाने कासगंज आई थी। क्रांति ने बताया था कि बस स्टैंड पर उसने बच्चे को एक अज्ञात महिला के पास छोड़ा और लघुशंका के लिए चली गई जहां से बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया।
पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निर्देश पर सीओ सदर आंचल चौहान के नेतृत्व में गठित सोरोंजी पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने 17 अक्तूबर को चंदपुरा-गऊपुरा कट के यात्री प्रतीक्षालय से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें बच्चे की मां, सोरोंजी के सलेमपुर, नगला भूतल निवासी डॉ. अरुण कुमार व उनकी पत्नी पिंकी और हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के बारासरी निवासी महिपाल व उसकी पत्नी शामिल हैं।
पूछताछ में मां ने 1.30 लाख रुपये मिलने और उसमें से 1.20 लाख रुपये अपने बैंक खाते में जमा करने की बात कही। वहीं, डॉक्टर दंपती ने सौदे में दो लाख रुपये मिलने की बात कबूली है। पुलिस ने आरोपियों के पास से खरीद-फरोख्त से जुड़े 80 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं। मां के खाते में जमा राशि की निकासी पर पुलिस ने रोक लगवा दी है।
वर्जन:
बालक के गायब होने की सूचना पर पुलिस टीमों को लगाया गया था। बच्चे को सकुशल तलाश कर मां समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में 80 हजार रुपये बरामद किए गए हैं और मां के बैंक खाते में जमा शेष धनराशि की निकासी पर रोक लगाई गई है। - आंचल चौहान, सीओ सदर