कासगंज। जिले में अभी तक मक्का की फसल तैयार होने के बाद उसे सुखाने के लिए सड़कों के किनारे डाल दिया जाता है। जायद की इस प्रमुख फसल को किसान हाईवे, लिंक रोड और गांवों के संपर्क मार्गों पर सुखाते रहे हैं, लेकिन कृषि विभाग ने अब किसानों को अनुदान पर ड्रायर मशीन देने के लिए आवेदन मांगे हैं, लेकिन यह आवेदन भी देरी से मांगे गए हैं, क्योंकि अधिकांश किसान अपनी मक्का को खरीद केंद्र या मंडियों में बेच चुके हैं। इन दिनों हालांकि ज्यादातर फसल सूखकर तैयार हो चुकी है।
मक्का की फसल पककर तैयार हो जाने के बाद किसान इसकी नमी को दूर करने के लिए सूखने को डाल देते हें। सड़क किनारे फसल रखने से वाहनों की गति बाधित होती है और अचानक सामने आए अवरोध के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई स्थानों पर यह स्थिति रोजमर्रा की समस्या बनती जा रही है, खासकर उन इलाकों में जहां आवागमन अधिक रहता है। अब कृषि विभाग ने ड्रायर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रायर तकनीक से फसल सुखाने की प्रक्रिया में लगने वाला समय भी घटेगा, जिससे किसानों को आर्थिक और व्यावहारिक दोनों स्तर पर लाभ मिलेगा। हालांकि किसानों का कहना है कि फसल का सीजन खत्म होने पर ड्रायर देने के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। विभाग को यह काम पहले करना चाहिए था।
वर्जन
किसानों को ड्रायर की सुविधा देने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। अभी किसी किसान ने अपना आवेदन नहीं किया है- डॉ. महेंद्र सिंह, उप कृ़षि निदेशक