कासगंज। अशोकनगर अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने फरीदपुर निवासी एक 12 वर्षीय बालिका को नई जिंदगी दी। गंभीर अचेत अवस्था में अस्पताल लाई गई बालिका का रक्तचाप और हीमोग्लोबिन स्तर बेहद कम था। चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया।
फरीदपुर निवासी तनु (12) पुत्री श्यामवीर को परिजन गंभीर अचेत अवस्था में अस्पताल लाए थे। जांच में पाया गया कि बच्ची का रक्तचाप 61/28 तक गिर चुका था। उसका हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 2 रह गया था, जिससे जान पर गहरा खतरा था। ऐसे नाजुक समय में अस्पताल के चिकित्सा दल ने बिना देर किए तुरंत उपचार शुरू किया।
पूरे बचाव अभियान में अधीक्षक डॉ. एएन चौहान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उनके त्वरित निर्णय और मार्गदर्शन से आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां तुरंत मिलीं। इससे उपचार में तेजी लाई जा सकी। डॉ. विकास भारती ने लगातार सीपीआर देते हुए बच्ची की बंद होती सांसों को वापस लाने का प्रयास किया।
वहीं डॉ. शेफाली ने मौके पर पहुंचकर पूरी चिकित्सा प्रक्रिया की कमान संभाली। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सामूहिक प्रयास से बालिका की जान बचाई जा सकी।चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची को मासिक चक्र के कारण ऐसी समस्या हुई।
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पर्याप्त नींद और आराम जरूरी
स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू के अनुसार, मासिक चक्र के बारे में माताओं को अपनी बेटियों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए। इस दौरान उचित खान-पान का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि शरीर में रक्त की कमी न हो। इसके साथ ही, पर्याप्त नींद और आराम शरीर को इस प्राकृतिक प्रक्रिया से निपटने में मदद करता है।
इन बातों का रखें ध्यान
पानी खूब पिएं
चुकंदर, फल और हरी सब्जियों का सेवन करें
आयरन व कैलिशयम युक्त भोजन को प्राथमिकता दें