कासगंज। जिले में आंधी और बारिश के बाद डायरिया ने तेजी से पैर पसार लिए हैं। मौसम बदलने के साथ ही संक्रमण बढ़ने से जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। हालात यह हैं कि महज पांच दिनों में 370 मरीज इलाज के लिए पहुंच चुके हैं, जबकि एक ही दिन में 91 मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की चिंता और बढ़ा दी है।
बारिश के बाद जिले में डायरिया के मामलों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। सुबह से ही अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की कतारें लग रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में नमी और जलभराव के कारण संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है। कमजोर इम्युनिटी के कारण यह दोनों वर्ग जल्दी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है।
डॉक्टरों का मानना है कि बारिश के बाद साफ-सफाई में कमी, दूषित पेयजल और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ डायरिया फैलने के प्रमुख कारण बन रहे हैं। इसके चलते संक्रमण तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।
पांच दिनों में बढ़ते आंकड़े
1 मई: 30 मरीज
2 मई: 81 मरीज
3 मई: 79 मरीज
4 मई: 89 मरीज
5 मई: 91 मरीज
डॉक्टरों की सलाह
-केवल उबला या साफ पानी पिएं
-बाहर का खाना और स्ट्रीट फूड से बचें
-स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें
-लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें
डायरिया के लक्षण
-बार-बार पतला या पानी जैसा मल आना
-पेट में दर्द या मरोड़
-उल्टी और मतली
-बुखार
-शरीर में कमजोरी और थकान
-अत्यधिक प्यास और मुंह सूखना
-चक्कर आना
बचाव के उपाय
-साफ और उबला या फिल्टर पानी का सेवन करें
-हाथ धोने की आदत अपनाएं (खाने से पहले और शौच के बाद)
-बासी और खुले में रखे भोजन से बचें
-फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं
-स्ट्रीट फूड और कटे-फटे फलों से दूरी रखें
इस समय डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। सावधानी आवश्यक है।लापरवही खतरनाक हो सकती है। लक्षण सामने आने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क कर इलाज कराएं-डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस