-गांव की रिश्तेदारी के कारण उसे रखा था काम पर
-चोरी की पोल खुलने के डर से उसी ने ले ली थी जान
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। 20 जनवरी 2025 की रात धर्मेंद्र ने परिजन को फोन कर बताया था कि एडीएम साहब की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए वह उन्हें चाय पिलाने जा रहा है। इस दौरान उसने रिटायर्ड एडीएम को सब्बल से सिर पर ताबड़तोड़ वार करके मौत के घाट उतार दिया था। फिर 21 जनवरी 2025 की सुबह खून से सने कपड़े बदलकर गेस्ट हाउस पहुंच गया। इस दौरान पुलिस और परिजन को घटना की सूचना देकर गुमराह करता रहा था।
मगर जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे धर्मेन्द्र की साजिश की परतें खुलती चली गईं। जांच में पता चला कि वह पूर्व एडीएम का रिश्तेदार है। गांव की रिश्तेदारी की वजह से वह पूर्व एडीएम को भैया कहता था। वह करीब चार साल पहले उनके घर पुताई का काम करने आया था। फिर परिवार का भरोसा जीतकर उनके साथ ही रहने की पेशकश की। इस पर परिवार ने उसे काम पर रख लिया था।
परिवार का विश्वास इतना गहरा था कि गेस्ट हाउस की एक चाबी भी उसके पास रहती थी। जब पुलिस को परिजन की तहरीर पर गेस्ट हाउस में पूर्व में चोरी होने की जानकारी हुई तो उनका शव नौकर पर गहरा गया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया।
उसने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि चोरी की घटना को छिपाने के उद्देश्य से उसने वारदात को अंजाम दिया था।
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महाराजगंज से वर्ष 2018 में हुए थे रिटायर
रिटायर्ड एडीएम राजेंद्र प्रसाद कश्यप वर्ष 2018 में महाराजगंज से एसडीएम के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका परिवार गाजियाबाद के वसुंधरा में रहता है लेकिन वह गांव गोरहा में ही रहकर खेती-बाड़ी और संपत्ति की देखरेख करते थे। उन्होंने मीनाक्षी गेस्ट हाउस इसलिए बनवाया था कि रिटायरमेंट के बाद जब वह गोरहा आकर रहेंगे तो आमदनी का जरिया बना रहेगा।
न्यायालय के आदेश से संतुष्ट हूं। मेरे पिता को न्याय मिला है। इसमें पुलिस प्रशासन और अधिवक्ताओं का बहुत सहयोग रहा। -शुभम कश्यप, मृतक के बेटे
न्यायालय के फैसले से राहत मिली है। मेरे पति को न्याय मिला है। इस केस में जिन-जिन का सहयोग रहा, मैं उनका धन्यवाद करती हूं।-मीना कुमारी पत्नी स्व. राजेंद्र प्रसाद
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पुलिस हर मामले में विवेचना के बाद प्रभावी रूप से अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय बनाकर कोर्ट में पैरवी करती है। रिटायर्ड एडीएम की हत्या के मामले में पुलिस की बेहतर पैरवी के चलते 20 माह के अंदर दोषी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। इस मामले में दोषी को सजा मिलने से कोर्ट पैरोकर समेत पूरी पुलिस टीम का मनोबल बढ़ा है। -ओपी सिंह, एसपी कासगंज