कासगंज। निजी विद्यालयों की मनमानी और शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण के खिलाफ चल रहे ‘शिक्षा को लूट से मुक्त करो’ जनआंदोलन ने जिला प्रशासन पर दबाव और तेज कर दिया है। आंदोलन के संयोजक हरवीर सिंह भारतीय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पिछले वर्ष गठित जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो 16 अगस्त से जिले में दोबारा शांतिपूर्ण जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। संयोजक हरवीर भारतीय ने कहा कि पिछले वर्ष अभिभावकों के आर्थिक शोषण जैसे मनमानी फीस वसूली, डोनेशन, और अनावश्यक रूप से किताबें व यूनिफाॅर्म बदलवाने के खिलाफ आवाज उठाई गई थी।
इसके बाद प्रशासन ने जांच समिति बनाई, लेकिन रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई। स्पष्ट किया कि यह संघर्ष शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। इस दौरान शील प्रिय विद्यार्थी, सोनू भंडारी, सुखवीर सिंह यादव, अरविंद माथुर, विकास पाठक, संकल्प पचौरी, अनुपम वार्ष्णेय और रोहतास यादव आदि मौजूद रहे।
ये मांगें की
जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दोषी विद्यालयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जिले के सभी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का शत-प्रतिशत पालन हो।
एडमिशन, री-एडमिशन, डोनेशन और बिल्डिंग फंड जैसे अवैध शुल्कों पर रोक लगे।
हर विद्यालय अपनी फीस संरचना सार्वजनिक करे
ग्रीष्मकालीन अवकाश की फीस लेने पर शिक्षकों को उस अवधि का पूरा वेतन मिले।
यूनिफाॅर्म कम से कम पांच वर्ष तक न बदली जाए
अभिभावकों की शिकायतों के लिए जिला स्तरीय शिकायत निवारण टीम बने।