कासगंज। जिले के परिषदीय स्कूलों की निगरानी व्यवस्था गंभीर प्रशासनिक संकट के घेरे में आ गई है, क्योंकि स्वीकृत नौ एबीएसए पदों में से दो पहले से खाली थे और अब शासन स्तर पर हुए तबादलों के बाद दो और अधिकारियों के जाने से कुल पांच अधिकारी ही नौ क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालने को रह गए हैं।
हाल ही में आई तबादला सूची के अनुसार, एबीएसए शशिकांत यादव को फिरोजाबाद और रामरूप को बहराइच स्थानांतरित किया गया है, जिससे जिले में कार्यरत अधिकारियों की संख्या सात से घटकर पांच पर आ गई है।
एबीएसए पर परिषदीय विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, शिक्षण व्यवस्था के अनुश्रवण और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रभावी निगरानी का मुख्य जिम्मा होता है। अधिकारियों की कमी के कारण अब एक ही अधिकारी को एक से अधिक क्षेत्रों का अतिरिक्त कार्यभार संभालना होगा, जिससे स्कूलों की निगरानी का दायरा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
इसके साथ ही, कार्यालय में तैनात बाबू मनोज कुशवाहा का तबादला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में होने से शिक्षा विभाग के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। अब विभाग के लिए रिक्त पदों को भरना और उपलब्ध अधिकारियों के बीच क्षेत्रों का ऐसा संतुलित बंटवारा करना अनिवार्य हो गया है, जिससे स्कूलों की सुचारू निगरानी व्यवस्था पर कोई विपरीत असर न पड़े।
तबादलों के बाद बदली तस्वीर
स्थिति
संख्या
स्वीकृत पद
9
तबादले से पहले तैनात
7
स्थानांतरित अधिकारी
2
वर्तमान में कार्यरत
5
रिक्त पद
4
वर्जन
रिक्त पदों के बावजूद स्कूलों की निगरानी प्रभावित न हो, इसके लिए अधिकारियों के कार्यक्षेत्र का समायोजन किया जाएगा।- विकास सिंह, बीएसए