कासगंज। प्रदेश के शिक्षकों और कर्मचारियों को दिवाली पर बोनस देने की मुख्यमंत्री की घोषणा का जनपद में कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। अब तक बोनस न मिलने से शिक्षक संगठनों में नाराजगी है। शिक्षकों ने वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर आदेशों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
जिले में संचालित 1263 परिषदीय स्कूलों में लगभग ढाई हजार शिक्षक शिक्षारत हैं। सरकार ने इन शिक्षकों के लिए दिवाली पर बोनस देने की घोषणा की थी, लेकिन अक्तूबर में वेतन के समय इनको बोनस नहीं दिया गया। इससे शिक्षकों में नाराजगी है। महामंत्री मुनेश राजपूत ने कहा कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की लगातार के बाद भी लेखाधिकारी केवल आश्वासन दे रहे है। यदि दिसंबर में बोनस का भुगतान नहीं होता है तो संगठन जिलाधिकारी से मिलकर समाधान की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं लेकिन विभाग शासनादेश के क्रियान्वयन में उदासीनता दिखा रहा है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव ने कहा कि विभाग की लापरवाही नई नहीं है। हर साल बोनस और अन्य देयकों में देरी की समस्या बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि चयन वेतनमान, बोनस सहित सभी वित्तीय लाभ शिक्षकों को समय पर प्रदान किए जाएं।