कासगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला डरु में एक दलित परिवार की जमीन पर जबरन अवैध कब्जा करने, विरोध करने पर जातिसूचक गालियां देने और घर में घुसकर लाठी-डंडों व अवैध हथियारों से जानलेवा हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में गाजियाबाद के कौशांबी निवासी नागराजन कुलरत्न ने पुलिस को तहरीर दी है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 7 नामजद और 4-5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़ित नागराजन की जमीन गांव टीकमपुरा में स्थित है। घटनाक्रम की शुरुआत 9 सितंबर 2025 को हुई, जब उनका भतीजा चंद्रप्रकाश खेत की सुरक्षा के लिए सीमेंट के खंभे लगवाकर तार कसवा करा रहा था।
आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही अजय कुमार और विनय कुमार ने अपनी पत्नियों खुशबू तिवारी और अंजू कुमारी को खेत पर भेजा, जिन्होंने वहां लगे खंभे तोड़ दिए। विरोध करने पर महिलाओं ने चंद्रप्रकाश को जातिसूचक गालियां दीं और उस पर हमला कर दिया, जिससे वह किसी तरह अपनी जान बचाकर घर भागा।
आरोप है कि इसके अगले दिन 10 सितंबर 2025 को फिर से आरोपी सुरेंद्र कुमार उर्फ श्रीपाल, अजय कुमार, विनय कुमार, खुशबू तिवारी, अंजू कुमारी, सचिन कुमार और ओमप्रकाश उर्फ दाऊ 4-5 अज्ञात लोगों के साथ एकजुट होकर लाठी-डंडे, चाकू और अवैध असलहे लेकर चंद्रप्रकाश के घर में घुस गए। आरोपियों ने घर में मौजूद महिलाओं के साथ भी जमकर मारपीट की।
चीख-पुकार सुनकर जब पड़ोसी बचाव के लिए दौड़े, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। संवाद