कासगंज के अमांपुर कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक (दरोगा) अवधेश कुमार दुबे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के जिला सह संयोजक प्रशांत आर्य के साथ अभद्रता और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना से आक्रोशित एबीवीपी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बुधवार की रात अमांपुर कोतवाली के बाहर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।
एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री नीरज गोस्वामी ने बताया कि मंगलवार की रात लगभग 12:00 बजे परिषद के जिला सह संयोजक घर से लाइब्रेरी मॉडल लेने के लिए जा रहे थे। रास्ते में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित एक दुकान पर वे चाय पीने लगे। इसी दौरान उप निरीक्षक अवधेश कुमार दुबे अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि छात्र नेता की ओर से अपना परिचय दिए जाने के बावजूद दरोगा ने उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की।
दरोगा की इस कार्यप्रणाली के विरोध में बुधवार रात बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए और मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए। कोतवाली प्रभारी दिनेश सिंह ने कार्यकर्ताओं को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे आरोपी दरोगा के निलंबन और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिससे काफी देर तक सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी रही।
धरने की सूचना पर सीओ सहावर शाहिदा नसरीन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से तहरीर लेकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन कार्यकर्ता टस से मस नहीं हुए। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओमप्रकाश सिंह ने फोन पर एबीवीपी पदाधिकारियों से वार्ता की और आरोपी दरोगा के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसपी के आश्वासन के बाद देर रात करीब 2:30 बजे कार्यकर्ताओं ने अपना धरना स्थगित किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अनंत यदुवंशी, नीरज गोस्वामी, यश मिश्रा, हिमांशु लोधी, ध्रुव गंगवार, मीतपाल, कृष्ण माहेश्वरी, सौरव यादव, आदित्य लोधी, रोहित गौतम, ललित राजपूत, माधव यादव और अक्की यादव सहित दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।