विलाप करते परिजनों की तबीयत बार-बार बिगड़ती रही। राहुल की दो बहनें किरन और पूजा है। दोनों ही बहनों की शादी हो चुकी है। पिता मोहर पाल सिंह ग्रामीण बैंक की शाखा से प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद सोरोंजी रोड पर घर बनवा रहे थे। इसका निर्माणकार्य चल रहा है।
राहुल भी पिता का सहयोगी था। राहुल की शादी चार वर्ष पूर्व हुई थी। उसके दो बेटे हैं। जिसमें बड़ा बेटा रुद्र तीन वर्ष व पुत्र उज्ज्वल छह माह का है। मां गायत्री देवी और पिता मोहर पाल को जैसे ही राहुल की हत्या की सूचना मिली तो वे सदमे में आ गए। परिवार के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
माता-पिता व पत्नी का बेहद बुरा हाल था। चीत्कार व रोने से परिजन बार-बार बेहोश हो रहे थे। लोग उन्हें ढाढ़स बंधा रहे थे।
पिता को नहीं था मालूम
पिता मोहरपाल सिंह को इस बात की जानकारी नहीं थी कि राहुल दोस्तों के साथ शादी में गया है। वह केवल पत्नी को बताकर गया था और उसकी बाइक भी घर ही थी। जब पुलिसकर्मी ने पिता को फोन कर हादसे की सूचना दी तो पिता को उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने घर में पूछा की राहुल कहां हैं। जब उन्हें मामले की जानकारी हुई तब वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हत्या की वारदात करीब पौने बारह बजे हुई और परिवार के लोगों को करीब रात्रि डेढ़ बजे सूचना मिली।