कासगंज। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस बार नाग पंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ने से इस पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। करीब 23 साल बाद बने इस संयोग को बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य के अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश के साथ हंस राजयोग, रवि योग और शुभ योग का भी संयोग बन रहा है।
ज्योतिषाचार्य पं. भरतराम गौड़ ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और नाग पंचमी पर नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दुर्लभ संयोग में भगवान शिव और नाग देवता की आराधना को विशेष फलदायी माना गया है।
मान्यता है कि इस दिन पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं और परिवार पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन महत्वपूर्ण है। सूर्य देव के अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश के साथ हंस राजयोग, रवि योग और शुभ योग बनेगा। इन योगों के कारण इस दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय महत्ता और बढ़ने की मान्यता है।
नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के लिए 2 घंटे 37 मिनट का शुभ मुहूर्त बताया गया है। श्रद्धालु सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे के बीच नाग देवता की पूजा कर सकते हैं। इस दौरान विधि-विधान से पूजा, दूध और जल अर्पण तथा पुष्प चढ़ाकर नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने की परंपरा है।
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पूजा की विधि
-सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल की सफाई करें
-भगवान शिव और नाग देवता का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें
-नाग देवता की तस्वीर या प्रतिमा पर जल और दूध अर्पित करें
-रोली, अक्षत, चंदन, फूल और दूर्वा चढ़ाएं
-धूप और दीप जलाकर नाग देवता की आरती करें
-भगवान शिव को भी जल, बेलपत्र और फूल अर्पित करें
-नाग देवता से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और सभी संकटों से रक्षा की प्रार्थना करें।
अंत में प्रसाद वितरित करें
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ये करना रहेगा शुभ
- नाग पंचमी के दिन रुद्रअभिषेक करें, साथ ही “ओम नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर हल्दी, कुमकुम, अक्षत, सफेद फूल और कच्चा दूध अर्पित कर श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
- “ओम सर्पेभ्यो नमः” या “ओम नागदेवताय नमः” मंत्र का 108 बार जप करना शुभ माना जाता है।
- यदि कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु से जुड़ी परेशानियां मानी जाती हों, तो इस दिन शिवलिंग पर चांदी का नाग अर्पित करें
- गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें। दान-पुण्य को इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है।