पटियाली। क्षेत्र के गांव रतनपुर में शनिवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग ने एक साथ आठ बुर्जी-बिटोरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भारी नुकसान हुआ। हादसे में मवेशियों को बचाने में मां-बेटे झुलस गए, जबकि दो मवेशी मर गए। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
गांव रतनपुर निवासी बबलू की बुर्जी-बिटोरे में सबसे पहले आग लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि धीरे-धीरे पड़ोसी देशराज, आशाराम, मलखान सिंह, चन्द्रवती, मुन्नालाल, सुरेंद्र सिंह, और बच्चन लाल के बुर्जी-बिटोरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
बबलू की झोपड़ी में बंधे पशु चीखने लगे। बबलू की पत्नी सितर देवी और पुत्र आशीष ने कड़ी मशक्कत कर पशुओं को जलती झोपड़ी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दो मवेशी मर गए। पशुओं को बचाने में मां और पुत्र भी झुलस गए।
ग्रामीणों ने घरों में लगे नलों और खेतों में लगे पंपसेट से पानी भरकर आग पर कड़ी मशक्कत से काबू पाया। सूचना पर एसडीएम प्रदीप कुमार विमल के निर्देश पर नायब तहसीलदार मुकेश कुमार और क्षेत्रीय लेखपाल ने गांव में पहुंचकर क्षति का आकलन किया है। एसडीएम ने बताया कि अग्नि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार हर संभव मदद दी जाएगी।