कासगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप संचालिका के बैंक खाते में हेराफेरी कर उनके नाम पर करीब 72.88 लाख रुपये का लोन निकालकर गबन कर लिया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन बैंक मैनेजर, फील्ड ऑफिसर और पेट्रोल पंप के मैनेजर समेत कुल पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
एटा की रहने वाली महिंद्रा वर्मन पत्नी स्व. टीपी सिंह का एटा मार्ग पर श्री विनायक फिलिंग स्टेशन नाम से पेट्रोल पंप है। उन्होंने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पेट्रोल पंप की देखरेख हेमंत कुमार, उसका भाई अंकित और पिता राजवीर करते थे, जिसमें हेमंत बतौर मैनेजर कार्यरत था।
पीड़िता ने नवंबर 2022 में आईसीआईसीआई बैंक की कासगंज शाखा में बचत खाता खुलवाया था। आरोप है कि खाता खुलवाते वक्त मैनेजर हेमंत ने धोखाधड़ी कर अपने भाई अंकित का मोबाइल नंबर बैंक खाते में दर्ज करा दिया, जिससे खाते के सारे लेन-देन और ओटीपी मैसेज आरोपियों के पास पहुंचने लगे और संचालिका को भनक तक नहीं लगी।
मई 2025 में जब बैंक कर्मी लोन की वसूली के लिए उनके घर पहुंचे, तब उन्हें अपने नाम से निकाले गए 72,88,197 रुपये के लोन की जानकारी हुई। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि आरोपियों ने तत्कालीन बैंक मैनेजर और फील्ड ऑफिसर से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज के जरिए यह लोन स्वीकृत कराया था। विरोध करने पर आरोपियों ने शुरुआत में 20 लाख रुपये जमा किए, लेकिन शेष राशि देने से मुकर गए और मांग करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीओ सदर आंचल चौहान ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी हेमंत कुमार, अंकित, राजवीर, तत्कालीन बैंक मैनेजर और तत्कालीन फील्ड ऑफिसर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।