कासगंज। जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन नियमों की अनदेखी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां कुल 2567 छोटे-बड़े ऐसे वाहन चिह्नित किए गए हैं, जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त होने के बावजूद वे सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं।
यह स्थिति न केवल सड़क दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है, बल्कि वायु प्रदूषण का भी एक बड़ा कारण बन रही है। तकनीकी खामियों और यांत्रिक खराबी के कारण ये अनफिट वाहन राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
परिवहन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अनफिट वाहनों की सूची काफी लंबी है। इनमें सबसे बड़ी संख्या 1869 ई-रिक्शा की है। इसके अलावा 388 गुड्स कैरियर (मालवाहक वाहन), 199 ऑटो रिक्शा, 40 कंस्ट्रक्शन ट्रक, 30 मोटर कैब, 15 तीन पहिया लोडर, 12 निजी बसें, छह कैब कार, चार स्कूली बसें और यहां तक कि दो एंबुलेंस भी बिना फिटनेस के संचालित हो रही हैं।
एआरटीओ और परिवहन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अभियान के तहत बीते 15 दिनों में कुल 50 अनफिट वाहनों को सीज किया गया था, जबकि बुधवार को एआरटीओ ने चार और अनफिट गाड़ियां सीज कर दीं। अब तक कुल 54 वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। प्रत्येक अनफिट वाहन पर 10 हजार रुपये का निर्धारित दंड लगाते हुए विभाग ने वाहन स्वामियों से कुल 5.40 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। विभाग ऐसे सभी वाहन स्वामियों को लगातार नोटिस भी भेज रहा है।
वर्जन:
अनफिट वाहनों के खिलाफ हमारा अभियान पूरी कड़ाई से जारी है। सभी संबंधित स्वामियों को नोटिस दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी यदि कोई बिना फिटनेस के वाहन चलाता मिला, तो सड़क सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता के तहत सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। - आरपी मिश्र, एआरटीओ
फोटो 21 - कासगंज-सोरोंजी मार्ग पर दौड़तो पिकअप वाहन जिसकी बॉडी चारों ओर से गल गई है। स्रोत : सं