दिल्ली स्थित आवास पर बसपा प्रमुख मायावती से मिलना अनुशासनहीनता करार दिया गया है। मंडल जोनल कोआर्डिनेटर आसकरन संखवार की कुर्सी इसी वजह से चली गई।
कहा गया कि बहन जी उस वक्त बेहद बिजी शेड्यूल में थीं और ऐसे में संखवार ने वहां पहुंच कर बहन जी का वक्त बर्बाद किया। कार्रवाई का यह कारण पार्टी में चर्चा का विषय बना है।
कैडर वाली पार्टी बसपा में पिछले कुछ दिनों से उठा पटक मची है। एक तरफ संगठन को मजबूत करने की जल्दी तो कुछ लोगों को हटाने और पद पर बैठाने की जल्दबाजी भी दिख रही है।
इसी कड़ी में दो दिन पहले पद से हटाए गए मंडल जोनल कोआर्डिनेटर आसकरन संखवार को अनुशासनहीन करार दिया गया।
आसकरन को पार्टी की मंडलीय बैठक में कानपुर और लखनऊ के जोन कोआर्डिनेटर इंद्रजीत सरोज और अशोक सिद्धार्थ की तरफ से फरमाना सुनाया गया कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से मिलने उस समय दिल्ली स्थित उनके आवास पर जा पहुंचे, जब वे बेहद बिजी शेड्यूल के लिए कहीं निकलने वाली थीं।
ऐसे में दिल्ली जाकर उनका समय खराब करना पार्टी पदाधिकारी की अनुशासनहीनता है। आसकरन इस बारे में पूछने पर कहते हैं कि हम इस बारे में हमसे कुछ मत पूछिए।
बता दें कि पिछले करीब एक महीने के अंतराल में पार्टी की जिला और मंडल इकाई से करीब छह पदाधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया। इनमें से ज्यादातर पर अनुशासनहीनता का आरोप लगा है।
जबकि कुछ ने उच्च पदाधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर खुद ही अपने पद से किनारा कर लिया।
पिछले एक सप्ताह में जिन लोगों ने अपने पद से इस्तीफा दिया है उसमें भोगनीपुर विधानसभा अध्यक्ष मनोहर शंखवार, सीसामऊ विधानसभा अध्यक्ष शिवकुमार बाल्मीकि शामिल हैं।
मैं इस संबंध में कुछ भी बताने के लिए अधिकृत नहीं हूं, जो कुछ भी हो रहा है, वह ऊपर से जारी निर्देश के अनुसार हो रहा है।
इंद्रजीत सरोज जोनल कोआर्डिनेटर लखनऊ, कानपुर